मॉडल ग्रामों में रोजाना डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का आदेश,ओडीएफ स्थिरता और स्वच्छता पर जोर
ई-रिक्शा से कचरा प्रबंधन, वर्मी कम्पोस्ट से आय की योजना
वॉट्सएप पर फोटो अपलोड कर होगी निगरानी
गोरखपुर। उपनिदेशक (पंचायत) गोरखपुर मंडल की अध्यक्षता में मॉडल ग्रामों में खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) स्थिति को बनाए रखने और ठोस-तरल कचरे के प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण बैठक हुई। सहजनवा, पिपरौली, पिपराइच, जंगल कौड़िया, गोला, पाली सहित विभिन्न विकास खंडों के ग्राम पंचायत सचिवों को प्रतिदिन डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू करने के निर्देश दिए गए। कचरे को रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) में संग्रह और सेग्रीगेशन का लक्ष्य रखा गया है।
उपनिदेशक ने सचिवों को ग्राम सभाओं में जागरूकता बैठकें आयोजित करने और ई-रिक्शा के संचालन के लिए राज्य वित्त आयोग के टाइड फंड, अजैविक कचरे की बिक्री और वर्मी कम्पोस्ट से धनराशि जुटाने का सुझाव दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह व्यवस्था न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देगी, बल्कि ग्राम पंचायतों के लिए आय का स्रोत भी बनेगी।
सचिवों को निर्देश दिया गया कि वे वॉट्सएप ग्रुप पर रोजाना कूड़ा कलेक्शन की फोटो अपलोड करें, जिसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। उपनिदेशक ने कहा, “प्रतिदिन कचरा संग्रह और सेग्रीगेशन की प्रक्रिया को पारदर्शी और निरंतर बनाए रखना जरूरी है।”
यह पहल गोरखपुर मंडल के मॉडल ग्रामों को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सचिवों को दी गई टिप्स में कचरे के प्रभावी प्रबंधन, ग्रामीणों की सहभागिता और स्थानीय संसाधनों का उपयोग शामिल है। यह अभियान न केवल स्वच्छ भारत मिशन को मजबूती देगा, बल्कि ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेगा।













