डीएम हर्षिता माथुर की अध्यक्षता में गौशाला, बर्ड फ्लू और पर्यावरण संरक्षण पर बैठक।
रायबरेली: जिलाधिकारी हर्षिता माथुर की अध्यक्षता में 14 अगस्त 2025 को कलेक्ट्रेट सभागार में निराश्रित गोआश्रय स्थल, बर्ड फ्लू रोकथाम, और जिला वृक्षारोपण, पर्यावरण व गंगा समिति की संयुक्त बैठकें आयोजित हुईं।
निराश्रित गोआश्रय स्थल:
डीएम ने सभी गोआश्रय स्थलों की ब्लॉकवार समीक्षा की और निर्देश दिए कि हरा चारा, पानी, चिकित्सा, प्रकाश, शेड और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। संक्रामित पशुओं को अलग कर उपचार और मृत गोवंश का उचित अंतिम संस्कार करने को कहा। सभी गोशालाओं में सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रखने और उनकी नियमित निगरानी के निर्देश दिए। गोशालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए वर्मीकम्पोस्ट, गोबर से काष्ठ, दीपक और पेंट निर्माण की व्यवस्था करने को कहा।
बर्ड फ्लू रोकथाम: मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कुलदीप द्विवेदी ने बताया कि बर्ड फ्लू पक्षियों का संक्रामक रोग है, जो विपरीत परिस्थितियों में सुकर, अश्व या मनुष्यों को प्रभावित कर सकता है। डीएम ने कुटकुट फार्म, पक्षी अभयारण्यों और झीलों के आसपास सावधानी बरतने, सफाई रखने और मृत पक्षियों का गड्ढे में दबाकर निस्तारण करने के निर्देश दिए।
वृक्षारोपण, पर्यावरण और गंगा समिति:
डीएम ने वृक्षारोपण के लक्ष्य को समयबद्ध पूरा करने, जियो-टैगिंग और ट्री गार्ड, सिंचाई जैसे सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रदूषण नियंत्रण, प्लास्टिक प्रतिबंध और वर्षा जल संचयन पर जोर दिया। गंगा स्वच्छता के लिए घाटों की सफाई, सीवेज प्रबंधन और जल गुणवत्ता सुधार पर ध्यान देने को कहा। “नमामि गंगे” को जन आंदोलन बनाने के लिए जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठकों में सीडीओ अर्पित उपाध्याय, डीएफओ मयंक अग्रवाल, एडीएम सिद्धार्थ, परियोजना निदेशक सतीश मिश्रा, पशु चिकित्सा अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।















