योगी कैबिनेट: 19 प्रस्तावों पर मुहर, विकास को गति।
लखनऊ। योगी कैबिनेट ने 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी और दो सप्लीमेंट्री प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया। शिक्षा, वित्त, सिंचाई, चिकित्सा और गृह विभाग से जुड़े निर्णयों ने विकास को नई दिशा दी।
1. उच्च शिक्षा: मुजफ्फरनगर में वेदान्ता, मथुरा में के.डी., और बाराबंकी में बोधिसत्व विश्वविद्यालय की स्थापना को हरी झंडी। अटल बिहारी वाजपेयी छात्रवृत्ति योजना लागू।
2. वित्त राजकोषीय उत्तरदायित्व अधिनियम 2004 में संशोधन। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर CAG की 2023 की रिपोर्ट विधानमंडल में पेश करने हेतु राज्यपाल की स्वीकृति। छठे राज्य वित्त आयोग की अंतरिम रिपोर्ट (2025-26, 2026-27) प्रस्तुत करने का फैसला।
3. माध्यमिक शिक्षा: अशासकीय सहायता प्राप्त स्कूलों के जीर्णोद्धार और अवसंरचना सुधार के लिए अनुदान योजना की गाइडलाइंस में बदलाव।
4. नगर विकास: नगर निगम अधिनियम 1959 में संशोधन, आकाश चिन्ह और विज्ञापन की अनुज्ञा अवधि में सुधार।
5. सिंचाई: नाबार्ड पोषित 1750 असफल नलकूपों के पुनर्निर्माण हेतु 56,120.69 लाख रुपये की मंजूरी।
6. चिकित्सा शिक्षा किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय अधिनियम में धारा-24(1)(A) जोड़ने का विधेयक विधानमंडल में पेश होगा।
7. गृह स्वतंत्रता दिवस 2025 के लिए हर घर तिरंगा अभियान हेतु धनराशि और बदायूं में वीरांगना अवंतीबाई महिला वाहिनी के लिए 82 वाहनों की खरीद को स्वीकृति।
ये निर्णय शिक्षा, अवसंरचना और प्रशासनिक सुधारों को बढ़ावा देंगे। कैबिनेट की यह बैठक प्रदेश के विकास को गति देने में मील का पत्थर साबित होगी।















