स्कूल मर्जर के खिलाफ शिक्षकों का विशाल धरना, सरकार को चेतावनी।
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के स्कूल मर्जर नीति के विरोध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के नेतृत्व में 8 जुलाई 2025 को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित हुआ। सुबह 11 बजे से शुरू हुए इस प्रदर्शन में लगभग 7,000 शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइयों ने हिस्सा लिया। सिटी मॉल रोड जाम हो गया, और कार्यालय परिसर छोटा पड़ गया। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल मर्जर आदेश वापस लेने और 10 सूत्रीय मांगों—हेडमास्टर को सरप्लस न करने, शिक्षक पदोन्नति, चिकित्सा सुविधा, पुरानी पेंशन और BLO ड्यूटी से मुक्ति—को लेकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष राजेश धर दुबे ने कहा, “सरकार जानबूझकर गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रही है। मर्जर से बच्चे दूरस्थ स्कूलों में पढ़ने या महंगे निजी स्कूलों में जाने को मजबूर होंगे।” जिला मंत्री श्रीधर मिश्रा ने बताया कि माध्यमिक शिक्षक संघ, गुआक्टा, शिक्षामित्र संगठन और रसोइया संघ ने भी समर्थन दिया। उन्होंने कहा, “मर्जर RTE कानून का उल्लंघन है। ‘स्कूल चलो अभियान’ से जल्द ही स्कूलों में 50 से अधिक बच्चे नामांकित होंगे।” मंडल संगठन मंत्री ज्ञानेंद्र ओझा ने कहा, “कम छात्रों वाले गाँवों में भी बच्चों को स्थानीय शिक्षा का अधिकार है। सरकार की वाहन सुविधा का दावा ढकोसला है, क्योंकि बुनियादी सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं हैं।”















