प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्थापित होंगे डिजिटल बाल-किशोर पुस्तकालय।
गोरखपुर: जिले की सभी ग्राम पंचायतों में जल्द ही बाल-किशोर पुस्तकालय स्थापित किए जाएंगे, जो पूरी तरह डिजिटल होंगे। शासन ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों (डीएम) और मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) को इसके लिए उपयुक्त स्थानों का चयन कर पुस्तकालय खोलने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक डिजिटल पुस्तकालय के लिए चार लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इन पुस्तकालयों की निगरानी डीएम की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा की जाएगी। शासन ने पहले चरण में उन ग्राम पंचायतों को प्राथमिकता दी है, जहां दो या अधिक कक्षों के साथ एक हॉल उपलब्ध हो। प्रथम चरण में प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित करने का लक्ष्य है, जिसके लिए 454 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हो चुका है। गोरखपुर जिले में भी इसके लिए पंचायतों का चयन शुरू हो गया है।
उपनिदेशक पंचायत हिमांशु शेखर त्रिपाठी ने बताया कि जल्द ही सभी ग्राम पंचायतों के बच्चे इन आधुनिक पुस्तकालयों की सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इन डिजिटल पुस्तकालयों में बच्चों और किशोरों के लिए डिजिटल सामग्री उपलब्ध होगी, जिसके लिए अलग से बजट का प्रावधान किया गया है। ये पुस्तकालय न केवल पढ़ाई को बढ़ावा देंगे, बल्कि ग्रामीण बच्चों को डिजिटल शिक्षा और तकनीकी जानकारी से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर सुधरेगा और बच्चे आधुनिक तकनीक के साथ कदमताल कर सकेंगे। शासन का यह कदम ग्रामीण भारत को डिजिटल युग से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। इन पुस्तकालयों के जरिए बच्चों को नई तकनीकों से परिचित कराने के साथ-साथ उनकी रचनात्मकता और ज्ञान को बढ़ाने का अवसर मिलेगा। गोरखपुर में इस योजना को लागू करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, ताकि जल्द से जल्द सभी पंचायतों में बच्चे इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।















