मन की बात’ का 123वां एपिसोड आपातकाल की स्मृतियों के साथ ऐतिहासिक आयोजन।
बस्ती: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 123वां एपिसोड रविवार, 29 जून 2025 को बस्ती के बालाजी प्रकाश सभागार में भव्य रूप से आयोजित हुआ। इस आयोजन में हजारों लोग शामिल हुए, जबकि जिले के सभी 2156 बूथों पर इसका सीधा प्रसारण सुना गया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर हर बूथ पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर और 10-10 पौधे रोपित कर श्रद्धांजलि दी गई, जो जनभागीदारी और राष्ट्रीय मूल्यों की जागरूकता का प्रतीक बना।
प्रधानमंत्री ने इस एपिसोड में 1975 के आपातकाल को लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला बताते हुए उसकी भयावहता पर प्रकाश डाला। उन्होंने मोरारजी देसाई, जगजीवन राम, और अटल बिहारी वाजपेयी के वक्तव्यों की ऑडियो क्लिप साझा कर लोकतंत्र की जीत को याद किया। आपातकाल में MISA कानून के दुरुपयोग, प्रेस की स्वतंत्रता छिनने, और अदालतों पर अंकुश लगाने का जिक्र करते हुए कहा कि जनता ने तानाशाही का डटकर मुकाबला किया।
कार्यक्रम में असम प्रभारी हरीश द्विवेदी, प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक, क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, और जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र सहित कई नेता मौजूद रहे। अमृत कुमार वर्मा ने आयोजन का सफल संचालन किया। दिल्ली से आई टीम और दूरदर्शन के अधिकारी कवरेज के लिए उपस्थित थे, जिसमें बस्ती को पांच बार लाइव दिखाया गया, जिले की सक्रियता को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करते हुए।
सुबह 9 बजे से शुरू हुआ जनसैलाब सभागार को 10 बजे तक भर गया, अतिरिक्त कुर्सियों की व्यवस्था करनी पड़ी। उद्यमी, व्यापारी, और बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। महिलाओं के स्टालों सिरका, पापड़, वस्त्र प्रदर्शनी ने आत्मनिर्भर भारत की झलक दिखाई। जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र ने स्वागत, हरीश द्विवेदी और विजय बहादुर पाठक ने विचार व्यक्त किए, जबकि सहजानंद राय ने आभार जताया।
गजेन्द्र सिंह, पवन कसौधन, राकेश श्रीवास्तव सहित कई भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। यह आयोजन बस्ती में चर्चा का केंद्र बना और संविधान, लोकतंत्र, और एकता का संदेश प्रसारित हुआ।















