चचेरी बहनें बिहार में बेची गईं: आर्केस्ट्रा की आड़ में देह व्यापार का खुलासा।।
गोरखपुर: खोराबार से लापता हुईं 15 और 16 साल की दो चचेरी बहनों की कहानी दिल दहला देने वाली है। इंस्टाग्राम पर दोस्ती और नौकरी का लालच देकर उन्हें बिहार ले जाया गया, जहां एक दंपती ने उन्हें 1.50 लाख रुपये में पूर्णिया जिले के एक आर्केस्ट्रा संचालक को बेच दिया। पुलिस ने दोनों को बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतीहारी से मुक्त कराया, जहां चार बार ठिकाना बदलकर उन्हें फिर से बेचने की तैयारी थी।
23 मई को दोनों बहनें बिना बताए घर से निकलीं और ट्रेन से बिहार पहुंच गईं। वहां इंस्टाग्राम पर बनी दोस्त गीता और उसके पति महेश ने उन्हें पहले पूर्णिया में आर्केस्ट्रा संचालक को सौंपा। पुलिस की भनक लगते ही उन्हें मोतीहारी ले जाया गया। छह दिन तक वे आरोपियों के कब्जे में रहीं और उस दौरान की यातना को याद कर कांप उठती हैं। खोराबार थाना प्रभारी इत्यानंद पांडेय ने बताया कि मंगलवार को किशोरियों का मेडिकल कराया गया और बुधवार को कोर्ट में पेश कर बयान दर्ज किया जाएगा।
पुलिस की जांच में सामने आया कि यह गिरोह आर्केस्ट्रा की आड़ में देह व्यापार का धंधा चलाता है।
किशोरियों ने कई अहम खुलासे किए, जिससे बिहार में सक्रिय मानव तस्करी के इस नेटवर्क की परतें खुल रही हैं। सर्विलांस की मदद से गोरखपुर पुलिस ने बिहार पुलिस के सहयोग से तुरकोलिया थाना क्षेत्र के बेलवा राय खास निवासी दंपती महेश और गीता को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को खरीदने वाले अन्य आरोपियों की तलाश में गोरखपुर से एक टीम बिहार भेजी गई है, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
बिहार के पूर्वी चंपारण पुलिस को भी एक रिपोर्ट भेजी गई है, जिसके आधार पर वे इस गिरोह की गहरी पड़ताल कर रहे हैं। यह मामला सोशल मीडिया के दुरुपयोग और नाबालिगों को निशाना बनाने वाले तस्करों की क्रूरता को उजागर करता है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।















