भू-माफियाओं पर सख्ती, त्वरित कार्रवाई का आदेश
गोरखपुर। भू-माफियाओं के खिलाफ उत्तर प्रदेश में अब और सख्ती होगी। राजस्व परिषद आयुक्त ने गोरखपुर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। इस बैठक में एडीएम प्रशासन पुरुषोत्तम दास गुप्ता, ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी, पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक संजय कुमार, एसडीएम चौरी चौरा रोहित मौर्य, एसडीएम बांसगांव प्रदीप सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि भू-माफियाओं पर नकेल कसने के लिए यूपी एंटी भू-माफिया पोर्टल के तहत सख्त नियम लागू किए गए हैं, और अब टॉप लेवल अधिकारी सीधे एक्शन लेंगे।
एंटी भू-माफिया पोर्टल: शिकायत से कार्रवाई तक
यूपी सरकार ने भू-माफियाओं के खात्मे के लिए एंटी भू-माफिया पोर्टल को और प्रभावी बनाया है। इस पोर्टल पर शिकायत दर्ज होते ही स्वतः उप जिलाधिकारी (एसडीएम) के लॉगिन पर विवरण प्रदर्शित होगा, जिससे कार्रवाई में देरी नहीं होगी। शिकायतकर्ता सीधे पोर्टल पर अपनी शिकायत अपलोड कर सकेंगे। इसके लिए तीन चरणों की प्रक्रिया निर्धारित की गई है, जिसमें शिकायतों को आठ श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा। इनमें शामिल हैं:
शासकीय या सार्वजनिक उपक्रम की जमीन पर अवैध कब्जा (जैसे चकरोड, तालाब, खलिहान, चारागाह)।
निजी आवासीय भूमि पर कब्जा।
फर्जी बैनामे के आधार पर नामांतरण।
कृषि भूमि के पट्टों पर अवैध कब्जा।
आबादी क्षेत्र में पानी निकास या सार्वजनिक भूमि पर कब्जा।
निजी भूमि पर सह-खातेदारों द्वारा कब्जा।
अन्य संबंधित शिकायतें।
नई व्यवस्था: जिम्मेदारी अब उच्च अधिकारियों पर
राजस्व परिषद ने पुरानी व्यवस्था में बदलाव करते हुए लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों की भूमिका को सीमित कर दिया है। अब शिकायतों पर सीधे एसडीएम और जिलाधिकारी स्तर पर कार्रवाई होगी। यह सुनिश्चित करेगा कि मामले को टाला न जाए और त्वरित निस्तारण हो। आयुक्त ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि पोर्टल पर दर्ज शिकायतों पर कार्रवाई में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अवैध कब्जे की सूची तैयार कर एसडीएम को कार्रवाई के लिए अधिकृत किया गया है, जो जमीन की प्रकृति और शिकायत के आधार पर तुरंत कदम उठाएंगे।
प्रभावी कार्रवाई के लिए सख्त नियम
नए नियमों के तहत, भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई को और पारदर्शी और तेज बनाने के लिए पोर्टल को तकनीकी रूप से उन्नत किया गया है। शिकायत दर्ज होने के बाद यह स्वचालित रूप से संबंधित अधिकारी के पास पहुंचेगी, जिससे कार्रवाई में देरी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। इसके अलावा, शिकायतों को श्रेणियों में बांटकर उनकी प्रकृति के अनुसार निपटारा होगा, जिससे अवैध कब्जे, फर्जी नामांतरण और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाई जा सकेगी।















