गौवंश संरक्षण के लिए भूसा महादान अभियान
गोरखपुर, : मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) शाश्वत त्रिपुरारी ने गौवंश संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जनपद के सभी ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर्स (बीडीओ) को ‘भूसा महादान अभियान’ चलाने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान का उद्देश्य स्थायी और अस्थायी गौ-आश्रय स्थलों में निराश्रित गौवंश के भरण-पोषण के लिए भूसा, हरा चारा और अन्य आवश्यक सामग्री एकत्र करना है। यह अभियान 31 मई तक चलेगा, जिसमें ग्राम प्रधानों, किसानों, पशुपालकों, समाजसेवी संस्थाओं, उद्यमियों और गौ-प्रेमियों से दान प्राप्त किया जाएगा।
सीडीओ ने बताया कि गौवंश के वर्षभर के भरण-पोषण के लिए प्रत्येक गौ-आश्रय स्थल की भूसे की आवश्यकता का आंकलन किया जाए। इसके लिए स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक भूसा दान में एकत्र करने का लक्ष्य है। उन्होंने बीडीओ को निर्देश दिए कि वे ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों, भूसा विक्रेताओं, क्रेताओं, कोटेदारों और प्रबुद्ध व्यापारियों से संपर्क कर इस पुनीत कार्य में सहयोग लें। अभियान को गति देने के लिए हर ग्राम पंचायत में एक समिति गठित की जाएगी, जिसमें ग्राम पंचायत सचिव, लेखपाल और अन्य संबंधित कर्मी शामिल होंगे। यह समिति ट्रैक्टर या अन्य वाहनों के माध्यम से गांवों में भ्रमण कर भूसा दान एकत्र करेगी और लोगों को इसके लिए प्रेरित करेगी।
दानदाताओं का होगा सम्मान
सीडीओ ने जोर देकर कहा कि भूसा दान करने वाले किसानों और बड़े दानदाताओं को सम्मानित किया जाए। इसके साथ ही, उनके योगदान को विभिन्न प्रचार माध्यमों जैसे समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और स्थानीय मंचों के जरिए प्रचारित किया जाए, ताकि अन्य लोग भी प्रेरित होकर इस अभियान से जुड़ें। उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और खंड विकास अधिकारी स्वयं बड़े दानदाताओं से संपर्क करेंगे और उन्हें सम्मानित करेंगे। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और उत्साह बनाए रखने के लिए राजस्व निरीक्षकों को क्षेत्र का प्रभारी अधिकारी नामित किया गया है।
सामुदायिक सहभागिता पर जोर
अभियान की सफलता के लिए सामुदायिक सहभागिता को अहम माना गया है। सीडीओ ने कहा कि गौवंश संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के हर वर्ग का सहयोग जरूरी है। ग्राम स्तर पर समितियां न केवल भूसा एकत्र करेंगी, बल्कि लोगों को गौवंश संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक भी करेंगी। अभियान के तहत हरा चारा और अन्य सामग्री भी दान में स्वीकार की जाएगी, ताकि गौ-आश्रय स्थलों में गौवंश की देखभाल में कोई कमी न रहे।
गौवंश संरक्षण में गोरखपुर की पहल
गोरखपुर में गौवंश संरक्षण के लिए पहले भी कई प्रयास किए गए हैं, और यह अभियान उसी दिशा में एक और कदम है। सीडीओ ने जनपदवासियों से अपील की कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, ताकि बेसहारा गौवंश को बेहतर देखभाल मिल सके। उन्होंने कहा, “गौवंश हमारी संस्कृति और अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है। इनके संरक्षण के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा।”
अभियान की समयसीमा और अपेक्षाएं
31 मई तक चलने वाले इस अभियान में अधिक से अधिक भूसा संग्रह का लक्ष्य रखा गया है। सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें और दानदाताओं के साथ संवाद बनाए रखें। अभियान के अंत में उन ग्राम पंचायतों और व्यक्तियों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने उल्लेखनीय योगदान दिया होगा।
यह अभियान न केवल गौवंश संरक्षण को मजबूती देगा, बल्कि सामुदायिक एकजुटता और सामाजिक जिम्मेदारी को भी बढ़ावा देगा। गोरखपुरवासियों से अपील है कि वे इस महादान अभियान में सहयोग करें और गौवंश के कल्याण में अपना योगदान दें।















