52 करोड़ से संतकबीरनगर की धार्मिक सड़कें होंगी चौड़ी
आस्था के रास्ते होंगे और सुगम! संतकबीरनगर में 52 करोड़ की लागत से 6 पवित्र धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाली सड़कें होंगी चौड़ी और मजबूत।
संतकबीरनगर।।
संतकबीरनगर के श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी शासन ने जिले के छह ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों—बाबा तामेश्वरनाथ धाम, बैजूनाथ धाम, पड़रहा शिव मंदिर, भदेश्वरनाथ मंदिर, संकट मोचन हनुमान मंदिर और कालीपुरवा काली मंदिर—को जोड़ने वाली 25.8 किलोमीटर सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 52.14 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दे दी है। इन सड़कों को 5.5 मीटर चौड़ा किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को मंदिरों तक पहुंचने में सुविधा होगी। टेंडर और अनुबंध की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और मार्च 2026 तक कार्य पूर्ण होने की उम्मीद है।
खलीलाबाद में 800 साल पुराना बाबा तामेश्वरनाथ धाम शिव मंदिर, जहां गिरधपुर से एनएच-328ए तक 4.3 किमी मार्ग का चौड़ीकरण 8.06 करोड़ रुपये से होगा, श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है। धनघटा के बैजूनाथ धाम, बिड़हर घाट के पास आस्था का केंद्र है, जहां सावन और मौनी अमवस्या पर कांवड़ियों की भीड़ उमड़ती है। यहां रामजानकारी मार्ग से 2.4 किमी सड़क 4.06 करोड़ रुपये में बनेगी। पड़रहा का प्राचीन शिव मंदिर, जहां सावन में अयोध्या से जल लाने वाले कांवड़िए जलाभिषेक करते हैं, वहां हरिहरपुर-शिवखबरी-भिनखिनी से 5.5 किमी मार्ग 9.81 करोड़ रुपये में चौड़ा होगा। मेंहदावल के भदेश्वरनाथ मंदिर तक बस्ती-महसों-महुली से हरदी के 2.5 किमी मार्ग का निर्माण 4.44 करोड़ रुपये में होगा, जहां श्रद्धालु अयोध्या से जल लाकर दर्शन करते हैं। राजेडीहा-निधुरी मार्ग पर संकट मोचन हनुमान मंदिर, जो सिद्धार्थनगर, गोरखपुर और महराजगंज के भक्तों को आकर्षित करता है, वहां 5.4 किमी सड़क 14.08 करोड़ रुपये में बनेगी। मेंहदावल-लोहरसन से बेलहर मार्ग पर कालीपुरवा का काली मंदिर, जहां नवरात्रि और जन्माष्टमी पर भीड़ जुटती है, वहां 5.7 किमी सड़क 11.70 करोड़ रुपये में तैयार होगी।
यह परियोजना न केवल सावन, मौनी अमवस्या, नवरात्रि और जन्माष्टमी जैसे अवसरों पर श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि क्षेत्र की कनेक्टिविटी और सांस्कृतिक महत्व को भी बढ़ाएगी। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन राकेश कुमार पांडेय ने कहा, “इन सड़कों के चौड़ीकरण से श्रद्धालुओं को मंदिरों तक पहुंचने में सुविधा होगी, और कार्य मार्च 2026 से पहले पूरा हो जाएगा।” यह पहल संतकबीरनगर के विकास और आस्था के रास्तों को नई मजबूती देगी।















