श्रम-सामग्री के अनुपात का टूटा मानक।
– डीएम ने बीडीओ के स्तर से वित्तीय स्वीकृति जारी करने के पॉवर पर लगाई रोक
– विशेष परिस्थिति में सामग्री परक कार्यो की जिला स्तर से लेनी होगी अनुमति
– समाप्ति की ओर सत्र, मनमाने रवैरे पर रोक से प्रधानों में भी खलबली
संतकबीरनगर।
जिले में बीडीओ के स्तर से मनरेगा योजना में मनमाने तरीके से सामग्री कार्यों की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दिए जाने से श्रम और सामग्री का अनुपात टूट गया है। जिसे डीएम ने गंभीरता से लिया है और बीडीओ के स्तर से सामग्री परक कार्यों के प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दिए जाने के पॉवर पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है। इससे प्रधानों में खलबली मची है।
मनरेगा की गाइड लाइन में श्रम और सामग्री का 60:40 प्रतिशत का अनुपात निर्धारित है। मजबूत पकड़ वाले प्रधान तालमेल बिठा कर बीडीओ के स्तर से सामग्री परक कार्यो की वित्तीय – प्रशासनिक स्वीकृति अपने मनमुताबिक करा लेते है। जिससे श्रम-सामग्री का अनुपात टूट जाता है और नियम का उल्लघंन होता है। 31 मार्च को वित्तीय वर्ष समाप्त होगा। जिसके मद्देनजर सभी ब्लॉकों में प्रधान अपने हिसाब से सामग्री कार्यो की प्रशासनिक- वित्तीय स्वीकृति कराने की चाहत में लगे थे। जिससे नए वित्तीय वर्ष में कार्य करवाते थे। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने मनरेगा योजना अंतर्गत वर्ष 2024-25 की श्रम सामग्री अनुपात का 17 फरवरी 2025 को मनरेगा पोर्टल पर रिपोर्ट की समीक्षा में जिले के विकास खंडों की जो स्थिति पाई,उसमें श्रम-सामग्री के अनुपात कर उल्लघंन हुआ है। बघौली ब्लॉक में श्रम-सामग्री का अनुपात 50:50,बेलहर कला में 55:45, हैंसर बाजार में 46:54, खलीलाबाद में 51:49, मेंहदावल में 57:43, नाथनगर में 53:47,पौली में 52:48, सांथा में 52:48 और सेमरियावा में 52:48 प्रतिशत का अनुपात है। जिससे स्पष्ट है कि ब्लॉक स्तर पर श्रम -सामग्री के विचलन के कारण जनपद स्तर पर श्रम-सामग्री के अनुमन्य 60:40 का अनुपात प्रभावित हुआ है। इसी को देखते ही डीएम ने बीडीओ स्तर से सामग्री परक कार्यों पर दिए जाने वाले प्रशासनिक -वित्तीय स्वीकृति किए जाने के पॉवर पर रोक लगा दिया है। सभी कार्यक्रम अधिकारी यानि बीडीओ को निर्देशित किया है कि विशेष परिस्थितियों में सामग्री परक कार्यों पर जनपद स्तर से पूर्व अनुमति प्राप्त करने के उपरांत ही वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति निर्गत की जाए। आदेश का उल्लघंन करने पर संबंधित कार्यक्रम अधिकारी पूर्ण रुप से उत्तरदायी होंगे।
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श्रम -सामग्री के अनुपात अनुमन्य की सीमा 60-40 प्रतिशत का अनुपात जिले में प्रभावित हुआ है। गाइड लाइन का अनुपालन ठीक ढंग से हो,इसके लिए बीडीओ स्तर से सामग्री परक कार्यो पर दिए जाने वाले प्रशासनिक- वित्तीय स्वीकृति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया गया है। विशेष परिस्थितियों में जिले स्तर से स्वीकृति लेने के उपरांत ही बीडीओ स्तर से प्रशासनिक -वित्तीय स्वीकृति निर्गत की जाए। ऐसा निर्देश पत्र सभी कार्यक्रम अधिकारी, बीडीओ को निर्गत कर दिया गया है। आदेश का उल्लघंन करने की दशा में संबंधित के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
महेंद्र सिंह तंवर,
डीएम















