फायरिंग और दुकान फूंकने के मामले के तीनों आरोपी भेजे गए जेल.
-अतरौरा के एक युवक से आरोपी प्रेम प्रकाश सिंह ने लिया था पिस्टल
-पुलिस ने दर्ज मुकदमें में आर्म्स एक्ट और दुकान में आग लगाने की बढ़ाई धारा
-पकड़े गए तीनों आरोपियों का है आपराधिक इतिहास
-तीनों आरोपियों पर निरोधात्मक कार्रवाई भी करेंगी पुलिस
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संतकबीरनगर।
मुफ्त में मुर्गा नहीं देने के विवाद को लेकर मंगलवार की रात पान विक्रेता सगे भाईयों पर फायरिंग करने और दुकान फूंक देने के मामले में पकड़े गए तीनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास है। गुरुवार को पुलिस ने दर्ज मुकदमें में आर्म्स एक्ट के साथ ही दुकान में आग लगाने की धारा की बढ़ाई। इसके साथ ही बरामद बाइक को सीज कर दिया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियो को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए जेल भेज दिया।
एएसपी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि अंसार टोला निवासी नसरुद्दीन ने बुधवार को तहरीर दिया कि मंगलवार की रात करीब 10 बजे ऊनखास निवासी प्रेमप्रकाश सिंह और दुधारा क्षेत्र के परसा झकरिया निवासी दुर्गेश पाल ने जान मारने की नीयत से उसे और उसके बड़े भाई जलालुद्दीन पर फायरिंग की। संयोग अच्छा रहा कि घटना में दोनों भाई बाल-बाल बच गए। आरोप है कि ऊनखास के निवासी सुधाकर सिंह उर्फ राणा सिंह उर्फ छोटू ने उक्त घटना के लिए आरोपियों का उकसाया। पुलिस ने तीनों आरोपियों पर हत्या के प्रयास, उकसाने और जानमाल की धमकी का केस दर्ज किया। चौकी इंचार्ज बरदहिया ललितकांत यादव, कांस्टेबल सुनील पाल, कांस्टेबल सतेंद्र यादव, कांस्टेबल रंजन कुमार, कांस्टेबल आदित्य सिंह ने सूचना के आधार पर समय माता मंदिर पिज्जा गली रोड के निकट स्थित मस्जिद के पास से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पिस्टल, पांच खोखा कारतूस और बाइक बरामद किया। पूछताछ में आरोपी प्रेम प्रकाश सिंह ने बताया कि उसने अतरौरा के रहने वाले एक युवक से यह पिस्टल प्राप्त किया था। कुछ समय पहले उसका, राणा व दुर्गेश पाल का शहर के रहने वाले नसरुद्दीन व खुर्शीद से कुछ विवाद हो गया था। सात जनवरी को वह और दुर्गेश पाल ढाबे पर खाना खाए व दारु पिए। उसी समय राणा सिंह ने उसे काल किया। राणा के ही बहकावे में आकर वह साथी दुर्गेश पाल के साथ बाइक से गोश्त मंडी पहुंचे। खुर्शीद का दोस्त नसरुद्दीन गोस्त मंडी के पास मिला। जिसके ऊपर उसने फायर कर दिया। उसके बाद दोनों खुर्शीद के मड़या स्थित मुर्गे की दुकान पर गए और उसकी दुकान में आग लगा दिया। एएसपी ने बताया कि इस मामले में आर्म्स एक्ट और दुकान में आग लगाने की धारा की बढ़ोत्तरी की गई। पकड़े गए तीनों आरोपी जेल भेजे गए।
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तीनों आरोपियों का है आपराधिक इतिहास
एएसपी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास है। आरोपी प्रेमप्रकाश सिंह के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट, एससीएसटी एक्ट आदि धाराओं में कुल पांच मुकदमे कोतवाली खलीलाबाद में दर्ज है। जबकि आरोपी दुर्गेश पाल के खिलाफ बखिरा थाने में हत्या का केस दर्ज है। तीसरे आरोपी सुधाकर सिंह उर्फ राणा सिंह के खिलाफ मारपीट, जानमाल की धमकी, एससीएसट एक्ट समेत तीन मुकदमे कोतवाली में दर्ज हैं। तीनों आरोपियों पर निरोधात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।















