-भिटहॉ गॉव में चल रहे श्रीराम कथा के दूसरे दिन कथा व्यास ने भक्ति और नवधा भक्ति के बारे में बताया।
-श्रीराम कथा के बीच गूंजती रही भजन गीतों की सुरलहरियॉ,संगीतमयी कथा में डुबकी गाते रहे श्रोता।
संत कबीर नगर।।।
भिटहॉ गॉव में चतुर्वेदी आवास पर स्वर्गीय पंडित सूर्य नारायण चतुर्वेदी की स्मृति में चल रहे श्रीराम कथा के दूसरे दिन अयोध्या से पधारे कथा व्यास पंडित विनय ओझा ‘बाल व्यास’ ने प्रभु श्रीराम कथा के संदर्भ में भगवान शिव और सती के प्रसंग का वर्णन किया।उन्होंने कथा साथ सुनने की महिमा का वर्णन किया। कथा के क्रम में व्यास गद्दी पर विराजमान आचार्य ने मायावी मारीच और मायापति प्रभु श्रीराम की कथा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मारीच, स्वर्ण मृग का रुप धारण कर प्रभु को भ्रम में डालने की प्रयास करता है।लेकिन यहॉ कथा वाचक ने भगवान और भक्त के बीच का रिश्ता बताते हुए कहा कि भक्त की भक्ति जिधर जाती है प्रभु स्वयं उधर चले जाते हैं।कथा वाचक ने दंडक वन में सूप्नखा का वृत्तांत भी बताया।उन्होंने गोस्वामी जी की चौपाई के जरिए शब्दों का विच्छेद करते हुए उनका मर्म समझाया।कथा के दौरान संगीत और भजन की सुरलहरियॉ गूंजती रहीं।कथा के शुरुआत में मुख्य यजमान माता चंद्रावती देवी के साथ सूर्या ग्रुप ऑफ कालेज के चेयरमैन डा0उदय प्रताप चतुर्वेदी,एसआर के एमडी पूर्व प्रमुख राकेश चतुर्वेदी,रत्नेश चतुर्वेदी और दिव्येश चतुर्वेदी ने कथा व्यास की आरती उतारी। पुष्पवर्षा,रामायण आरती के साथ कथा का शुभारंभ हुआ।कथा में पहुंचे व्यापारी नेता पुष्कर चौधरी ने कथा व्यास को अंगवस्त्र भेंट किया।साथ ही समाजसेवी डा0उदय उदय प्रताप चतुर्वेदी को भी अंगवस्त्र भेंटकर श्रीराम कथा की मंगलकामना की।इस दौरान सूर्या की एक्जीक्युटिव एमडी सविता चतुर्वेदी,राजन इंटरनेशनल की एमडी शिखा चतुर्वेदी सहित परिवार के लोग व प्राचार्य वेद प्रकाश पांडेय,दिग्विजय यादव सहित कई लोग मौजूद रहे।















