50 शैय्या के अस्पताल का रजिस्ट्रेशन 5 वर्ष के लिए किए जाने पर चिकित्सकों में खुशी
भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ ने सीएम को दिया धन्यवाद
गोरखपुर। 50 शैय्या के अस्पतालों,क्लीनिको का रजिस्ट्रेशन का नियम और शर्तों के साथ 5 वर्ष के लिए किए जाने पर चिकित्सकों में खुशी है। शासन के इस फैसले पर आभार व्यक्त करते हुए भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉक्टर अभय मणि त्रिपाठी एवं क्षेत्रीय संयोजक डॉक्टर वाई ने कहा कि आज के इस ऐतिहासिक दिन का इंतजार हम सभी चिकित्सक वर्षों से कर रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का चिकित्सकों के प्रति प्रेम है कि हमारी मांग को उन्होंने अपने वादे के मुताबिक पूरा कर दिया। इस कार्य के लिए डॉक्टर वाई सिंह के नेतृत्व में पिछले डेढ़ वर्षो से चिकित्सा प्रकोष्ठ सतत प्रयासरत रहा। इस प्रयास में भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ का विशेष योगदान रहा। आई एम ए और एन एम ओ का भी इस दिशा में लंबे समय से सराहनी प्रयास था।। वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ अरुण सक्सेना डॉक्टर असीम कुमार का भी विशेष योगदान रहा अब क्लीनिकों और 50 बेड से कम क्षमता के अस्पतालों का पंजीकरण पांच साल के लिए होगा। इसके लिए शासन ने सीएमओ को पत्र भेज दिया है। हालांकि, अस्पतालों को मुख्य द्वार पर 15 वर्गफीट के पीले बोर्ड पर हिंदी में काले अक्षर से पूरी जानकारी लिखनी होगी। इसमें रजिस्ट्रेशन नंबर, संचालक का नाम, बेड संख्या, औषधि पद्धति, सेवाएं व स्टाफ का विवरण शामिल होगा।
भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. अभय मणि त्रिपाठी व क्षेत्रीय संयोजक डॉ. वाई सिंह के नेतृत्व में डॉक्टरों का एक प्रतिनिधि मंडल पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला था। इन लोगों ने पंजीकरण अवधि एक वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष करने की मांग की थी।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) व नेशनल मेडिकोज आर्गनाइजेशन (एनएमओ) ने भी इसके लिए प्रयास किया था। डॉ. वाई सिंह ने बताया कि मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना व विधायक डॉ. असीम कुमार ने भी हमारे प्रयासों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री के आदेश पर नियमों में बदलाव किया गया है।















