-डीएम ने वायरल वीडियो की एसडीएम-डीएओ से कराई जांच।
– जांच में सचिव प्रथम दृष्टया पाए गए दोषी
– डीएओ की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस
– एआरकोआपरेटिव भी प्रकरण की कोआपरेटिव इंस्पेक्टर से कराएंगे जांच
——————————————————
संतकबीरनगर।
साधन सहकारी समिति सेमरा मगहर के सचिव डीएपी उर्वरक की कालाबाजारी करने के मामले में फंस गए। वायरल वीडियो मामले की जांच डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने एसडीएम सदर शैलेश दूबे और जिला कृषि अधिकारी डॉक्टर सर्वेश कुमार यादव से संयुक्त रूप से कराई। जांच में सचिव के जरिए गोदाम से ढुलाई वाहन से डीएपी उर्वरक बाहर भेजे जाने की पुष्टि हुई। डीएम के निर्देश के बाद जिला कृषि अधिकारी ने शुक्रवार की शाम को दोषी सचिव के खिलाफ कोतवाली खलीलाबाद में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया।
जिला कृषि अधिकारी डॉक्टर सर्वेश कुमार यादव ने बताया कि डीएम के निर्देश पर वायरल वीडियो मामले की जांच वह और एसडीएम सदर शैलेश दूबे ने संयुक्त रुप से गुरुवार को साधन सहकारी समिति सेमरा एट मगहर खलीलाबाद का किए। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि डीएपी उर्वरक की कुछ मात्रा सचिव के जरिए साधन सहकारी समिति के गोदाम में रखा गया एवं कुछ मात्रा ढुलाई वाहन द्वारा रात्रि में बाहर भेजा जा रहा था। मौके पर निरीक्षण के समय गोदाम में 38 बोरी डीएपी उपलब्ध पाई गई। जिसका वितरण किया जा रहा था। 13 नवंबर की रात्रि वायरल वीडियो के संबंध में पूछा गया तो सचिव शिशिर श्रीवास्तव द्वारा मौखिक, लिखित रूप से अवगत कराया गया कि लगभग 16 से 20 बोरी डीएपी उर्वरक रात्रि नौ बजे भेजे जाने की बात स्वीकार किया गया। जो वायरल वीडियो में ढुलाई वाहन द्वारा डीएपी उर्वरक गोदाम से बाहर भेजी गई दिख रही थी। इस प्रकार इनके द्वारा रात में वाहन से उर्वरक भेजा जाना, बिना कैश मेमो,पीओएस मशीन के जरिए उर्वरक वितरण कराना,उर्वरक व्यवसाय की कालाबाजारी में संलिप्तता पाया जाना प्रतीत होता है। डीएम के निर्देश पर दोषी पाए गए सचिव शिशिर श्रीवास्तव निवासी मोहल्ला बंजरिया पूर्वी खलीलाबाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के लिए कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई। कोतवाल सतीश सिंह ने बताया कि सेमरा साधन सहकारी समिति के सचिव शिशिर श्रीवास्तव के खिलाफ ईसी एक्ट का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवेचना से जो तथ्य सामने आएंगे,आगे वैसी कार्रवाई की जाएगी।















