बड़ी दुर्घटना को दावत दे रहा सड़क में बना गड्ढे जिम्मेदार बेखबर।
गोरखपुर सहजनवां।
गीडा की सड़कों पर यात्रा करने जा रहे हैं तो सावधान रहिए क्योंकि गीडा की सड़कों में जानलेवा गड्ढे बने चुके है। गलती से चूक हुई तो गड्ढों में गिर कर चोटिल होना तय है। गीडा के उद्यमी भी इन्ही सड़कों से आने जाने को मजबूर हो रहे है। सबसे अधिक दिक्कत ट्रांसपोर्ट नगर में देखने को मिल रहा है, जहां हर रोज बड़ी गाड़ियों का आना जाना लगा रहता है।
सूबे की सरकार विकास के लिए सड़कों का जाल बिछा रही है। साथ ही गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के विकास पर जोर है। गीडा में बड़ी बड़ी फैक्ट्रियों के लगने का सिलसिला भी चल रहा है। शासन के तरफ से उद्योगों की स्थापना की जा रही है मगर गीडा प्रशासन मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में फेल होता दिख रहा है। गोरखपुर लखनऊ हाइवे पर सहजनवां और गीडा में कट बंद होने से गीडा की गाड़ियां सेक्टर 13 से होकर हाइवे को जाती हैं। गीडा की सड़कों को भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से सड़क धीरे धीरे बदहाल होती चली गई। गीडा के सेक्टर 13 और 15 की मुख्य सड़क में बड़े बड़े गड्ढे बन चुके है। यह गड्ढे तीन से चार फीट तक गहरे है, जिससे वाहनों के गड्ढों में जाने से दुर्घटना होना तय माना जा रहा है। सबसे अधिक दिक्कत ट्रांसपोर्ट नगर में झेलनी पड़ रही है। आरटीओ कार्यालय पर रोज एक सौ से अधिक वाहन आते है। साथ ही ट्रकों का भी आना जाना लगा रहता है। ट्रांसपोर्ट नगर के कारोबारियों ने गीडा प्रशासन को सड़कों की बदहाली दूर करनी चाहिए। विभाग के अफसर भी सड़कों से अक्सर गुजरते हैं मगर समस्या के समाधान के बजाए आंख बंद कर चले जाते है।
इस संबंध में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी डा. आरडी पांडेय ने कहा कि सड़क जल्द ही मरम्मत कर दी जाएगी।
इनसेट
दाद में खाज बना गड्ढे में पानी
गीडा की सड़कों में बने बड़े बड़े गड्ढों में पानी भरने से दाद में खाज का काम कर रहा है। गड्ढों में पानी भरने से उसकी गहराई का पता नहीं चल रहा है, जिससे बड़ी दुर्घटना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।















