पांच फीसदी उपभोक्ताओं के यहां लगेंगे मीटर
लखनऊ। प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने में अब नया पेंच फंस गया है। विद्युत वितरण निगम को अपने क्षेत्र के कुल उपभोक्ताओं में से पांच फीसदी को स्मार्ट मीटर के साथ साधारण मीटर भी देना होगा। इन दोनों मीटरों की बिलिंग तीन महीने तक मिलाई जाएगी। इस संबंध में केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने पावर कॉरपोरेशन को निर्देश जारी किया है।
दरअसल, केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने पिछले महीने सभी राज्यों में टीम भेज कर स्मार्ट मीटर की जांच कराई थी। इसके बाद मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि उपभोक्ताओं की संतुष्टि के लिए पांच फीसदी के यहां निशुल्क डबल मीटर लगाया जाए। दोनों मीटर की बिलिंग की स्थिति देखी जाए। यदि पांच फीसदी की दायरे से अधिक कोई उपभोक्ता अपने यहां डबल मीटर लगवाना चाहता है तो उसे भी लगवाने की अनुमति दी जा सकती है।
उपभोक्ताओं की संतुष्टि के लिए स्मार्ट के साथ साधारण मीटर लगाने के निर्देश
लगने वाला डबल मीटर तीन महीने तक रहेगा।
यानी उपभोक्ताओं के परिसर में जो साधारण मीटर लगा है, जिस पर उपभोक्ताओं को विश्वास है, उसी को चेक मीटर मानकर स्मार्ट मीटर की जांच होगी। स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर जिन उपभोक्ताओं की शिकायत होगी उनके परिसर में सबसे पहले निशुल्क चेक मीटर लगेंगे। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने यह निर्णय भी लिया है कि पांच प्रतिशत जो चेक मीटर स्थापित होंगे वह साधारण मीटर होंगे और उसका कोई भी खर्च उपभोक्ताओं को नहीं देना होगा। इस संबंध में पावर कॉरपोरेशन के निर्देश के बाद मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने कार्यवाही शुरू कर दी है। अन्य निगमों के प्रबंध निदेशकों को भी पांच फीसदी उपभोक्ता के यहां पत्र भेजा गया है।















