यातायात नियमों का पालन करें, सुरक्षित रहें और दूसरों की जिंदगी भी बचाएं : एडीजी रामकुमार एडीजी, डीआईजी और एसएसपी ने हरी झंडी दिखाकर बाइक रैली को किया रवाना, पूरे माह चलेगा जागरूकता अभियान

यातायात नियमों का पालन करें, सुरक्षित रहें और दूसरों की जिंदगी भी बचाएं : एडीजी रामकुमार

एडीजी, डीआईजी और एसएसपी ने हरी झंडी दिखाकर बाइक रैली को किया रवाना, पूरे माह चलेगा जागरूकता अभियान

गोरखपुर। यातायात माह के तहत मंगलवार को यातायात पुलिस की ओर से सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस लाइन से बाइक रैली निकाली गई। एडीजी जोन रामकुमार, डीआईजी रेंज एस. चन्नप्पा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। इस दौरान अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने तथा सड़क सुरक्षा को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।

रैली को रवाना करने के बाद एडीजी जोन रामकुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। यातायात नियम किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि हर व्यक्ति के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं। सड़क पर की गई छोटी-सी लापरवाही भी किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है। इसलिए प्रत्येक वाहन चालक को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए नियमों का गंभीरता से पालन करना चाहिए।

हेलमेट और सीट बेल्ट को बनाएं आदत

एडीजी ने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें। हेलमेट केवल चालान से बचने का साधन नहीं, बल्कि दुर्घटना के समय सिर को गंभीर चोट से बचाने में मददगार है। इसी तरह सीट बेल्ट भी दुर्घटना के दौरान जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल बिल्कुल न करें, क्योंकि कुछ सेकेंड का ध्यान भटकना भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं और जल्दबाजी में अपनी तथा दूसरों की जिंदगी खतरे में न डालें।

उन्होंने कहा कि शराब अथवा किसी भी प्रकार के नशे की हालत में वाहन चलाना गंभीर खतरा है। वाहन हमेशा अपनी लेन में चलाएं और गलत दिशा में जाने से बचें। दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाना, स्टंटबाजी करना, मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल करना भी दूसरों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है। वाहन चालकों को लाल बत्ती पर रुकना चाहिए, पीली बत्ती पर सावधान रहना चाहिए और हरी बत्ती होने पर रास्ता सुरक्षित देखकर ही आगे बढ़ना चाहिए।

युवाओं से स्टंटबाजी से बचने की अपील

एडीजी ने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे सड़क पर किसी तरह की प्रतिस्पर्धा या स्टंटबाजी न करें। वाहन चलाते समय वैध ड्राइविंग लाइसेंस और आवश्यक दस्तावेज अपने पास रखें। स्कूल, अस्पताल और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें। पैदल सड़क पार करने वाले लोग जेब्रा क्रॉसिंग का इस्तेमाल करें। एंबुलेंस और अग्निशमन वाहनों को तत्काल रास्ता देना हर नागरिक का दायित्व है।

उन्होंने कहा कि यातायात नियमों के पालन की शुरुआत परिवार से होनी चाहिए। अभिभावक स्वयं हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें, ताकि बच्चे भी उनसे सीख लें। यातायात माह का उद्देश्य केवल जागरूकता रैली निकालना या नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि लोगों के व्यवहार में स्थायी बदलाव लाना है।

स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचेगा अभियान

एडीजी ने यातायात पुलिस को जागरूकता अभियान स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक हो सकें। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से ही सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाई जा सकती है। हमारा संकल्प होना चाहिए कि हम स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें।

बाइक रैली के माध्यम से लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग नहीं करने, नशे में वाहन नहीं चलाने और अनावश्यक हॉर्न से बचने का संदेश दिया गया। स्कूली बच्चों को भी ट्रैफिक सिग्नल, जेब्रा क्रॉसिंग, सड़क पार करने के सुरक्षित तरीकों और वाहन में सीट बेल्ट के महत्व के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। अभियान के जरिए सुरक्षित बच्चा, सुरक्षित परिवार और सुरक्षित समाज की अवधारणा को आगे बढ़ाने की अपील की गई।

इस दौरान डीआईजी रेंज एस. चन्नप्पा, एसएसपी डॉ. कौस्तुभ, एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव, सीओ यातायात कीर्तिनिधि, टीआई मनोज कुमार राय, आरआई अभिजीत पांडेय, टीएसआई रामवृक्ष यादव सहित यातायात पुलिस के महिला और पुरुष आरक्षी मौजूद रहे।

यातायात पुलिस ने आमजन से सड़क सुरक्षा को अपनी आदत बनाने और दूसरों को भी नियमों के प्रति जागरूक करने की अपील की है। यातायात संबंधी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 8081208567 जारी किया गया है। पुलिस का संदेश है कि सड़क सुरक्षा ही जीवन रक्षा है। सुरक्षित गोरखपुर, समृद्ध गोरखपुर के संकल्प को साकार करने के लिए सभी नागरिक यातायात नियमों का पालन करें।

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