4.09 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, पांच गिरफ्तार 34 म्यूल खातों से 14 राज्यों में धोखाधड़ी की शिकायतें, नकदी निकालकर यूएसडीटी में बदलते थे रकम 13.76 लाख रुपये नकद, 22 एटीएम कार्ड, लैपटॉप और कैश काउंटिंग मशीन बरामद

4.09 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, पांच गिरफ्तार

34 म्यूल खातों से 14 राज्यों में धोखाधड़ी की शिकायतें, नकदी निकालकर यूएसडीटी में बदलते थे रकम

13.76 लाख रुपये नकद, 22 एटीएम कार्ड, लैपटॉप और कैश काउंटिंग मशीन बरामद

गोरखपुर। साइबर ठगी की रकम बैंक खातों के जरिये निकालकर क्रिप्टोकरेंसी में बदलने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को साइबर क्राइम सेल और चिलुआताल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में 34 म्यूल बैंक खातों से जुड़े मामलों में 4.09 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आई हैं। आरोपियों के पास से 13.76 लाख रुपये नकद, 22 एटीएम कार्ड, लैपटॉप, मोबाइल फोन, चेकबुक, पासबुक, फर्जी मुहर, कैश काउंटिंग मशीन, नेपाली मुद्रा और वाहन बरामद किए गए हैं।

पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में पुलिस अधीक्षक अपराध अयोध्या प्रसाद सिंह और सहायक पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि गिरोह साइबर ठगी और ऑनलाइन निवेश ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी से मिली रकम अलग-अलग बैंक खातों में मंगाता था। इसके बाद एटीएम कार्ड और चेक से नकदी निकालकर कमीशन काटा जाता था। शेष रकम विदेशी एजेंटों के माध्यम से यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर डिजिटल वॉलेट में भेजी जाती थी।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महराजगंज के नौतनवा निवासी नवनीत पांडेय उर्फ आदेश पांडेय, चंदौली निवासी आदर्श सिंह उर्फ थायनोस, गोरखपुर के राजघाट क्षेत्र निवासी रवि वर्मा, एम्स क्षेत्र के कूड़ाघाट निवासी प्रज्ञा रतन और चिलुआताल क्षेत्र के करीमनगर निवासी मकसूद आलम खान के रूप में हुई है।

कमीशन का लालच देकर लेते थे बैंक खाते

पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते हासिल करते थे। खाताधारकों की पासबुक, एटीएम कार्ड और चेकबुक अपने कब्जे में लेकर इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम मंगाने और निकालने में किया जाता था। गिरोह में खाते उपलब्ध कराने, नकदी निकालने और रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर आगे भेजने के लिए अलग-अलग सदस्यों की भूमिका तय थी।

प्रारंभिक जांच में सामने आई शिकायतें उत्तर प्रदेश समेत बिहार, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और उत्तराखंड से जुड़ी हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि खातों के माध्यम से वास्तविक रूप से कितनी रकम का लेन-देन हुआ और नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

पांच अन्य आरोपी वांछित

पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 22 एटीएम कार्ड, तीन चेकबुक, तीन पासबुक, दो फर्जी मुहर, 13 लाख 76 हजार 700 रुपये नकद, 4,710 रुपये नेपाली मुद्रा, एक कैश काउंटिंग मशीन, चार पहिया वाहन और मोटरसाइकिल बरामद की है। चिलुआताल थाने में मुकदमा अपराध संख्या 792/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 317(4), 317(5), 338 और 336(3) तथा आईटी एक्ट की धाराओं 66सी और 66डी के तहत कार्रवाई की गई है।

मामले में कृष्णा शर्मा, दिव्यांशु शेखर शुक्ल, आदर्श द्विवेदी, विदित और गोविंद वर्मा को वांछित बताया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और विदेशी एजेंटों की भूमिका की भी जांच कर रही है। कार्रवाई में चिलुआताल के प्रभारी निरीक्षक साजिद अली खान, थानाध्यक्ष सूरज सिंह, उप निरीक्षक उपेंद्र सिंह, शशिकांत जायसवाल समेत पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।

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