सदर तहसील में 147 फरियादियों ने लगाई गुहार, 10 मामलों का मौके पर निस्तारण
एसडीएम ज्ञान प्रताप सिंह ने सुनीं समस्याएं, शेष शिकायतें संबंधित अधिकारियों को भेजकर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
गोरखपुर। सदर तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एसडीएम सदर ज्ञान प्रताप सिंह ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। कुल 147 फरियादी शिकायतें लेकर पहुंचे। इनमें 10 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष प्रार्थना पत्र संबंधित विभागों को भेजते हुए निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
समाधान दिवस में राजस्व, भूमि विवाद, नगर निगम, परिवार रजिस्टर, तालाब समेत विभिन्न मामलों से संबंधित शिकायतें आईं। अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनकर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
जंगल बेनीमाधव नंबर-दो निवासी अमरनाथ पुत्र गौरी ने करीब 11 डिसमिल पुश्तैनी कृषि भूमि पर कथित कब्जे की शिकायत की। उनका आरोप है कि आराजी संख्या 495 स्थित भूमि पर भूमाफिया ने कब्जा कर लिया है। उन्होंने बताया कि जमीन पर जाने पर उनके साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी दी जाती है। उन्होंने स्थलीय जांच कराकर जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग की।
राप्तीनगर फेज-4 स्थित भाऊराव देवरस कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त जूनियर इंजीनियर ने प्लॉट संख्या K-13 में जमा कूड़े और मकान के टूटे मलबे को हटाने की मांग की। उन्होंने बताया कि 20 अगस्त को नगर आयुक्त को पत्र देने और 10 सितंबर को रिमाइंडर के बावजूद अब तक सफाई नहीं हुई है।
जंगल रानी सोहास कुंवरी टोला गड़वा निवासी सुजीत साहनी ने ग्राम सभा की भूमि स्थित पोखरे के पट्टे के आवंटन और सुंदरीकरण की मांग की। वहीं पिपराइच के अगया छोटा टोला निवासी सुनील सिंह ने परिवार रजिस्टर की नकल उपलब्ध कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया।
अधिकारियों ने निर्देश दिया कि शिकायतों का निस्तारण महज औपचारिकता तक सीमित न रहे। जरूरत वाले मामलों में मौके पर जांच कराकर शिकायतकर्ताओं को वास्तविक राहत दिलाई जाए।
इस दौरान तहसीलदार सदर सत्य प्रकाश गुप्ता, नायब तहसीलदार भागीरथी सिंह, आकांक्षा पासवान, निशांत मिश्रा, अन्नू सिंह, नीलम तिवारी, नेहा राय समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।















