जिला कारागार में बंदियों के विधिक अधिकारों की दी जानकारी
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जेल का निरीक्षण कर बैरक और लीगल एड क्लीनिक की व्यवस्थाएं देखीं
रायबरेली। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अमित पाल सिंह के दिशा-निर्देशन में सचिव अनिशा ने सोमवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया। उन्होंने पाकशाला, बंदियों की बैरक और महिला बैरक का निरीक्षण कर बंदियों से मुलाकात की तथा उनकी समस्याओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने बंदियों से उनके मुकदमों की पैरवी के लिए अधिवक्ता की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने यह भी जाना कि किसी बंदी को विधिक सहायता प्राप्त करने में कोई परेशानी तो नहीं है।
निरीक्षण के बाद बंदियों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देते हुए बताया गया कि जिन बंदियों को निःशुल्क अधिवक्ता की आवश्यकता है, वे जिला कारागार में संचालित लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
सचिव ने बंदियों से कहा कि आर्थिक स्थिति के कारण कोई भी व्यक्ति अपने मुकदमे की पैरवी से वंचित न रहे। जरूरतमंद बंदी विधिक सेवा प्राधिकरण की सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
इस दौरान जेलर हिमांशु रौतेला, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल जय सिंह यादव और उपकारापाल धर्मपाल सिंह मौजूद रहे।















