पुलिस लाइन में गूंजा ‘जय कन्हैया लाल की’, परिवार संग अधिकारियों ने मनाई जन्माष्टमी
राधा-कृष्ण मंदिर में विधि-विधान से हुआ पूजन, मध्यरात्रि में जन्मोत्सव के साथ गूंजे जयकारे; सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
गोरखपुर। पुलिस लाइन गोरखपुर स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिवार के साथ पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिर परिसर ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गूंज उठा।
जन्माष्टमी समारोह में विधायक ग्रामीण विपिन सिंह, एडीजी जोन राम कुमार, डीआईजी रेंज एस. चनप्पा, मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, जिला जज राजकुमार, एसपी सिटी निमिष पाटील, सहायक पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार एस., ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुणाल रस्तोगी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मुकुल खंडेलवाल, एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र, एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल समेत पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
परिवार संग अधिकारियों ने किया पूजन
अधिकारियों ने राधा-कृष्ण मंदिर में विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर प्रदेश और जनपद में सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। सहायक पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार एस. ने धर्मपत्नी के साथ पूजा-अर्चना कर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कराया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मध्यरात्रि में विशेष आरती और पूजन हुआ। भगवान के बाल स्वरूप के दर्शन के लिए पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की भीड़ जुटी रही।
जन्म के समय शंख और घंटियों की ध्वनि के बीच श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के उद्घोष से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। जन्मोत्सव के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।
झांकियों और प्रस्तुतियों ने मोहा मन
समारोह में बच्चों और कलाकारों ने राधा-कृष्ण के स्वरूप में मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बाल कृष्ण और राधा के रूप में सजे बच्चों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। भक्ति गीतों और झांकियों पर दर्शकों ने तालियों से प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बेहतर प्रस्तुति देने वाले बच्चों और प्रतिभागियों को अधिकारियों ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। पुलिस लाइन के आरआई अविचल पांडेय समेत अधिकारी, जवान और उनके परिवारजन कार्यक्रम में मौजूद रहे।
मंदिर परिसर को फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया था। पुलिसकर्मियों की व्यस्त ड्यूटी के बीच परिवार के साथ जन्माष्टमी मनाने का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ पारिवारिक और सांस्कृतिक जुड़ाव का अवसर भी बना।















