साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को पुलिस ने लौटाए 71 हजार रुपये
साइबर हेल्प डेस्क की तत्परता से बची ठगी की रकम, बैंक से समन्वय कर पूरी धनराशि कराई वापस
गोरखपुर। साइबर ठगी के बाद समय रहते शिकायत करना पीड़ित के लिए राहत लेकर आया। थाना कोतवाली की साइबर हेल्प डेस्क टीम की त्वरित कार्रवाई से ठगी के जरिए खाते से निकाले गए 71 हजार रुपये वापस करा दिए गए। पुलिस ने रकम को समय रहते होल्ड कराकर बैंक से समन्वय किया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुक्रवार को पूरी धनराशि पीड़ित के खाते में वापस पहुंच गई।
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों ने पीड़ित के बैंक खाते से धोखाधड़ी कर 71,000 रुपये निकाल लिए थे। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने थाना कोतवाली की साइबर हेल्प डेस्क से संपर्क किया। मामले को गंभीरता से लेते हुए टीम ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और ठगी की रकम को संबंधित स्तर पर होल्ड कराने की कार्रवाई शुरू की।
इसके बाद साइबर टीम ने एमआरएम पोर्टल के माध्यम से नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक से लगातार समन्वय बनाए रखा। पुलिस की सक्रियता और समयबद्ध कार्रवाई के चलते ठगी की पूरी रकम सुरक्षित करा ली गई। चार सितंबर 2026 को 71 हजार रुपये पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दिए गए।
रकम वापस मिलने पर पीड़ित ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई के प्रति आभार जताया। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। घटना के तुरंत बाद शिकायत मिलने पर ठगी की रकम को होल्ड कराकर वापस कराने की संभावना बढ़ जाती है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं और तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें। साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि रकम को समय रहते सुरक्षित कराने की कार्रवाई की जा सके।
टीम में ये रहे शामिल
कार्रवाई करने वाली टीम में साइबर हेल्प डेस्क प्रभारी उपनिरीक्षक सौरभ मौर्य, महिला उपनिरीक्षक संध्या मौर्य, महिला कांस्टेबल सुनैना वर्मा और रिजर्व कांस्टेबल संजीत यादव शामिल रहे।















