बाढ़ प्रभावित गांवों में नाव से पहुंचे एडीएम, जानी जमीनी हकीकत कम्युनिटी किचन, स्वास्थ्य कैंप और पशुओं के चारे-दवा की व्यवस्था के निर्देश; सुरक्षित आवागमन के लिए पर्याप्त नावें लगाने को कहा

बाढ़ प्रभावित गांवों में नाव से पहुंचे एडीएम, जानी जमीनी हकीकत

कम्युनिटी किचन, स्वास्थ्य कैंप और पशुओं के चारे-दवा की व्यवस्था के निर्देश; सुरक्षित आवागमन के लिए पर्याप्त नावें लगाने को कहा

गोरखपुर। बाढ़ के पानी से घिरे गांवों में राहत और बचाव व्यवस्थाओं की हकीकत परखने के लिए शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) एवं प्रभारी अधिकारी आपदा जयप्रकाश नाव से प्रभावित इलाकों में पहुंचे। जिलाधिकारी दीपक मीणा के निर्देश पर उन्होंने गोला तहसील क्षेत्र के कोटिया निरंजन, बल्थर, ज्ञानकोल और बगहा गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और जरूरतें जानीं।

एडीएम ने नाव से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर जलभराव और आवागमन की स्थिति देखी। उन्होंने ग्रामीणों से भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं, आने-जाने की दिक्कतों और पशुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बाढ़ के चलते सामने आ रही परेशानियां बताईं, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। कम्युनिटी किचन के माध्यम से जरूरत के अनुसार गर्म पका भोजन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही राहत सामग्री और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जाए।

स्वास्थ्य टीम गांवों में रखे नजर

एडीएम ने स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ प्रभावित गांवों में नियमित स्वास्थ्य कैंप लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य टीमें ग्रामीणों के संपर्क में रहें और बाढ़ के बाद फैलने वाली संभावित बीमारियों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए। जरूरतमंदों को दवाएं और उपचार समय से उपलब्ध कराया जाए।

पशुओं के चारे-दवा का भी इंतजाम

बाढ़ से प्रभावित पशुपालकों की समस्याओं को भी गंभीरता से लेते हुए एडीएम ने पशु चिकित्सा विभाग को निर्देश दिए कि पशुओं के लिए पर्याप्त चारा और दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी हो और जरूरत पड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए।

अधिक पानी वाले स्थानों पर नावों की व्यवस्था

सुरक्षित आवागमन को प्राथमिकता देते हुए एडीएम ने प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में नावें उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां सड़क मार्ग बाधित है या पानी अधिक है, वहां नाव के जरिए लोगों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जाए। नाव संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने को भी कहा।

उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति, जलस्तर, प्रभावित आबादी और राहत व्यवस्थाओं की जानकारी ली। एडीएम ने कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखे हुए है। किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू किया जाए।

उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश दिए। प्रशासन ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बाढ़ के दौरान भोजन, स्वास्थ्य, सुरक्षित आवागमन और पशुओं की देखभाल समेत जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

Previous articleरात में सड़कों पर उतरे एसपी सिटी, पिकेट और गश्त व्यवस्था परखी संदिग्धों और संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर रखने के निर्देश, लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी
Next articleसाइबर ठगी के शिकार पीड़ित को पुलिस ने लौटाए 71 हजार रुपये साइबर हेल्प डेस्क की तत्परता से बची ठगी की रकम, बैंक से समन्वय कर पूरी धनराशि कराई वापस

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here