हेलीकॉप्टर से कांवड़ मार्गों का हवाई सर्वेक्षण, शिवभक्तों पर हुई पुष्प वर्षा
डीएम अस्मिता लाल और एसपी सूरज कुमार राय ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा कांवड़ मार्ग
बागपत। श्रावण मास की महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ऐतिहासिक श्री परशुरामेश्वर महादेव मंदिर, पुरा में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध मेले और कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। शनिवार को जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने हेलीकॉप्टर से जनपद के प्रमुख कांवड़ मार्गों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मार्गों पर श्रद्धालुओं की भीड़, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।
हवाई सर्वेक्षण के दौरान डीएम और एसपी ने हेलीकॉप्टर से कांवड़ यात्रियों और शिवभक्तों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया। अचानक आसमान से फूलों की बारिश होते देख कांवड़ियों और श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। शिवभक्तों ने हाथ उठाकर प्रशासन का अभिवादन किया और ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने हवाई सर्वेक्षण के दौरान कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, प्रकाश, स्वच्छता और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो और आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
श्रावण मास की महाशिवरात्रि के अवसर पर श्री परशुरामेश्वर महादेव मंदिर, पुरा में ऐतिहासिक मेला 9 से 11 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। हरिद्वार सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में शिवभक्त गंगाजल लेकर पैदल कांवड़ यात्रा करते हुए पुरा महादेव पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। मंदिर की ऐतिहासिक मान्यता और धार्मिक आस्था के कारण पुरा महादेव कांवड़ यात्रा का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। पुलिस बल की तैनाती के साथ यातायात नियंत्रण, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
शिवभक्तों पर पुष्प वर्षा के जरिए प्रशासन ने सेवा, सम्मान और स्वागत का संदेश दिया। हवाई सर्वेक्षण और पुष्प वर्षा का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा और पूरे कांवड़ मार्ग पर आस्था व उत्साह का माहौल दिखाई दिया।















