शिक्षक समाज के रोल मॉडल, कानून की जानकारी भी उतनी ही जरूरी : चीफ डिफेंस काउंसिल
माध्यमिक शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में विधिक सेवा, मानवाधिकार और साइबर अपराध पर हुआ विशेष सत्र
संतकबीरनगर
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), लखनऊ के निर्देशन में आयोजित माध्यमिक शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के विधि विशेषज्ञों ने शिक्षकों को कानून, मानवाधिकार और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य वक्ता चीफ डिफेंस काउंसिल अन्जय कुमार श्रीवास्तव ने शिक्षकों को समाज का सबसे प्रभावशाली रोल मॉडल बताते हुए कहा कि शिक्षकों का दायित्व केवल शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और समाज को कानून एवं अधिकारों के प्रति भी जागरूक करना है।
उन्होंने ‘कवच’ आधारित सुरक्षा एवं संरक्षा मॉड्यूल पर चर्चा करते हुए सुरक्षा और संरक्षा के बीच का अंतर स्पष्ट किया। साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, निःशुल्क विधिक सहायता, कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित पॉश (POSH) अधिनियम, टोल फ्री हेल्पलाइन 15100 तथा ‘न्याय मार्ग’ एप की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विधिक सहायता प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता।
असिस्टेंट डिफेंस काउंसिल मोहम्मद दानिश ने डिजिटल अरेस्ट, जीरो एफआईआर और बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति शिक्षकों को जागरूक किया। उन्होंने ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय बताए तथा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में डायट प्रवक्ता डॉ. आराधना गोस्वामी, भूपेंद्र यादव, मुलायम यादव सहित हीरालाल इंटर कॉलेज खलीलाबाद, पीबी गर्ल्स इंटर कॉलेज, कृषक औद्योगिक पाल इंटर कॉलेज हरिहरपुर, नेहरू इंटर कॉलेज, मौलाना आजाद इंटर कॉलेज, संतकबीर इंटर कॉलेज मगहर, जगद्गुरु शंकराचार्य इंटर कॉलेज मेंहदावल समेत जनपद के विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम में शिक्षकों ने विधिक जागरूकता को विद्यालय स्तर तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया।















