महिला अपराधों की विवेचना में लापरवाही पर दो दरोगाओं की जांच के आदेश
संतकबीरनगर। महिला संबंधी अपराधों की विवेचनाओं में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने शनिवार को रिजर्व पुलिस लाइंस सभागार में अर्दली रूम आयोजित कर लंबित मामलों की समीक्षा की। बैठक में क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह, जनपद के सभी थाना प्रभारी, उपनिरीक्षक, विवेचक एवं हेड मुहर्रिर उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक ने महिला अपराधों से जुड़े लंबित मामलों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक विवेचना का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा सरकार और पुलिस विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है, इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
एसपी ने जनशिकायतों की त्वरित जांच, साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी विधिक कार्रवाई तथा अपराध नियंत्रण के लिए सक्रिय पुलिसिंग पर जोर दिया। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थ विवेचकों के कार्यों की नियमित समीक्षा करें तथा लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराएं।
बैठक के दौरान कार्य में शिथिलता पाए जाने पर कोतवाली खलीलाबाद में तैनात उपनिरीक्षक जयराम सिंह यादव एवं उपनिरीक्षक प्रमोद पाठक के कार्यों की प्रारंभिक जांच कराने के आदेश दिए गए। एसपी ने स्पष्ट किया कि जांच में लापरवाही सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने विवेचकों को आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश देते हुए यक्ष ऐप, ई-समन एवं एस-आईडी प्रणाली के माध्यम से विवेचनाओं को पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी बनाने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के बेहतर उपयोग से विवेचना की गुणवत्ता में सुधार आएगा और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने में सहायता मिलेगी।















