चुमुर मॉडल पर विकसित होंगे सीमावर्ती गांव, डीएम ने गुणवत्तापूर्ण डीपीआर बनाने के दिए निर्देश
महराजगंज। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत चयनित सीमावर्ती गांवों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने की दिशा में महराजगंज प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार देर शाम जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कैंप कार्यालय में कंसल्टिंग इंजीनियर्स के साथ समीक्षा बैठक कर गांवों के समग्र विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवहारिक विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि योजना का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, रोजगार के अवसर बढ़ाना, सामुदायिक अवसंरचना को मजबूत करना और ग्रामीणों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाना है। इसलिए प्रत्येक ग्राम पंचायत की वास्तविक आवश्यकताओं का विस्तृत सर्वेक्षण कर ही डीपीआर तैयार किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि जिन गांवों में स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन, उत्सव भवन, अन्नपूर्णा भवन, पुस्तकालय, स्वयं सहायता समूहों के लिए वर्किंग शेड, आंगनबाड़ी केंद्र, खेल मैदान अथवा अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का अभाव है या उनका जीर्णोद्धार आवश्यक है, उन्हें प्राथमिकता से प्रस्ताव में शामिल किया जाए।
डीएम ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) के साथ समन्वय स्थापित कर सभी परिसंपत्तियों तक पहुंचने के लिए बेहतर संपर्क मार्ग विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक वाइब्रेंट गांव में आकर्षक प्रवेश एवं निकास द्वार, सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे तथा पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम स्थापित करने का भी प्रस्ताव तैयार करने को कहा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को मजबूती मिल सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी परियोजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता एवं उपयुक्तता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा प्रस्तावों को समयबद्ध तरीके से वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम पोर्टल पर अपलोड किया जाए, ताकि स्वीकृति और क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी न हो।
जिलाधिकारी ने कहा कि चयनित सीमावर्ती गांवों को लद्दाख के चुमुर गांव की तर्ज पर विकसित करने का लक्ष्य है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास के साथ पर्यटन, आजीविका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिल सके।
बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया मिश्रा, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी निरंकार, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कंसल्टिंग इंजीनियर्स उपस्थित रहे।















