“साहब, बाइक देने की सजा मैं भुगत रहा हूं…” बंदी की गुहार सुन भावुक हुआ बंदी समस्या समाधान दिवस
जिला कारागार में बंदियों ने रखीं अपनी समस्याएं, विधिक सहायता उपलब्ध कराने का दिया भरोसा
संतकबीरनगर। जिला कारागार में शुक्रवार को आयोजित बंदी समस्या समाधान दिवस के दौरान एक बंदी की पीड़ा ने मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उसने भावुक होकर कहा, “साहब, मैंने तो सिर्फ दोस्त को अपनी मोटरसाइकिल दी थी, चोरी उसने की लेकिन सजा मैं भुगत रहा हूं, मुझे छुड़ा दीजिए।”
जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह के निर्देशन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायिक अधिकारी सुनील कुमार सिंह की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में बंदियों की समस्याएं सुनकर उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अन्जय कुमार श्रीवास्तव एवं डिप्टी डिफेंस काउंसिल संजीव कुमार पांडेय भी मौजूद रहे।
बेलहर कला क्षेत्र के लोहरसन गांव निवासी अहमद अली ने बताया कि उसके एक मित्र ने उससे मोटरसाइकिल मांगी थी, जिसे उसने विश्वास के आधार पर दे दिया। आरोप है कि मित्र चोरी की घटना में पकड़ा गया और वाहन उसके नाम होने के कारण वह भी मामले में फंस गया। उसने अपनी बेगुनाही बताते हुए विधिक सहायता की मांग की।
इसी क्रम में मेंहदावल थाना क्षेत्र के करहना गांव निवासी अजय कुमार ने बताया कि उसके विरुद्ध जिला बदर की कार्रवाई की गई थी और सीमाक्षेत्र में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसने सरकारी अधिवक्ता उपलब्ध कराने की मांग रखी।
महुली थाना क्षेत्र के खिरिया गांव निवासी आनंद पाठक ने कहा कि उन्हें वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया है, जबकि बैरिहवां गांव निवासी विजय साहनी ने आरोप लगाया कि उन्हें गलत तरीके से हत्या के मामले में फंसाया गया है। वहीं महुली क्षेत्र के थवई पार निवासी मनीष सिंह ने अपने विरुद्ध दर्ज चोरी के मामलों में प्रभावी पैरवी कराए जाने की मांग की।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बंदियों को उनकी समस्याओं के विधिक समाधान और न्यायिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।















