गोरखपुर की बड़ी विकास परियोजनाओं पर डीएम की सख्ती
100 करोड़ के ISBT, विरासत गलियारा और गुरुकुल सिटी समेत प्रमुख प्रोजेक्ट समयबद्ध पूरा करने के निर्देश
गोरखपुर। जनपद में 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर जिलाधिकारी दीपक मीणा ने विकास भवन सभागार में अहम बैठक की। बैठक में उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तय समयसीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मानकों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक के दौरान शहर में तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की विस्तृत समीक्षा की गई। इनमें 100 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT), ‘नया गोरखपुर’ परियोजना के अंतर्गत विकसित गुरुकुल सिटी की सड़कें, विरासत गलियारा और चार नए कल्याण मंडपम प्रमुख रूप से शामिल रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि गोरखपुर का तेजी से विस्तार हो रहा है और ऐसे में आधुनिक व मजबूत आधारभूत ढांचे की आवश्यकता भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि ये सभी परियोजनाएं सीधे जनहित से जुड़ी हुई हैं, इसलिए इन्हें प्राथमिकता के आधार पर समय पर पूरा किया जाना बेहद जरूरी है।
बैठक में लगभग 14,416 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में तैयार हो रहे 100 करोड़ रुपये के ISBT की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि परियोजना में आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण कराया जाए, जिससे शहर की परिवहन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके।
वहीं, 19.55 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही गुरुकुल सिटी की सड़क परियोजना की समीक्षा करते हुए डीएम ने इसे शहर के भविष्य के सुनियोजित विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना आने वाले समय में शहर के विकास की मजबूत आधारशिला बनेगी।
असुरन से पादरी बाजार होते हुए पिपराइच तक बन रहे 19.4 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि यह मार्ग शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और इसके निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए।
पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर को नया स्वरूप देने के लिए नखास चौक क्षेत्र में विकसित किए जा रहे विरासत गलियारा (हेरिटेज कॉरिडोर) को भी प्राथमिकता दी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि यह परियोजना गोरखपुर की ऐतिहासिक पहचान को नई ऊंचाई देने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी।
इसके अलावा गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) द्वारा बनाए जा रहे चार नए कल्याण मंडपम, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कला ग्राम और मॉडल वेंडिंग जोन जैसी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि इन परियोजनाओं से नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा और शहर को आधुनिक स्वरूप मिलेगा।
बैठक में गीडा और धुरियापार क्षेत्र में स्थापित हो रहे एथेनॉल/सीएनजी प्लांट, सीमेंट फैक्ट्री, पावर प्लांट और डिस्टलरी परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि इन औद्योगिक परियोजनाओं से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
बैठक में एडीएम प्रशासन डॉ. वैभव शर्मा, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह, पीडब्ल्यूडी के नोडल अधिकारी ए.के. सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने अंत में कहा कि सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि गोरखपुर में चल रही सभी प्रमुख परियोजनाएं निर्धारित समय में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी हों, ताकि शहर के समग्र और सुनियोजित विकास को नई दिशा मिल सके।















