भूमि विवादों पर सख्त हुआ प्रशासन, रि-ओपन आईजीआरएस मामलों की होगी दोबारा जांच
20 जून तक निस्तारण का लक्ष्य, एसडीएम दीपक गुप्ता ने दिए कड़े निर्देश
गोरखपुर। भूमि विवादों के लंबित मामलों के प्रभावी और पारदर्शी निस्तारण के लिए सदर तहसील प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में सोमवार को सदर तहसील सभागार में एसडीएम सदर दीपक गुप्ता की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आईजीआरएस पर पुनः खोले गए प्रकरणों की गहन जांच कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच दर्ज भूमि विवाद संबंधी सभी मामलों की दोबारा जांच कर 20 जून 2026 तक उनका निस्तारण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए राजस्व विभाग की विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो गांव-गांव जाकर शिकायतों की जांच करेंगी और निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी।
एसडीएम दीपक गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर जाकर तथ्यात्मक जांच की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जांच के दौरान मोबाइल एप के माध्यम से जियो-टैगिंग फोटो सहित रिपोर्ट आईजीआरएस पोर्टल पर अपलोड की जाए, ताकि कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बन सके।
बैठक में नायब तहसीलदार आकांक्षा पासवान, दुर्गेश चौरसिया, अन्नू और नीलम त्रिपाठी सहित कानूनगो एवं लेखपाल उपस्थित रहे। सभी राजस्व अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर रि-ओपन और लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए।
एसडीएम ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर पुलिस बल की सहायता लेकर विवादित स्थलों की जांच की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिकायतों के निस्तारण में कोताही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
तहसील प्रशासन का उद्देश्य भूमि विवादों का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर आम जनता को राहत प्रदान करना तथा शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना है।















