बाढ़ और जलभराव से निपटने को प्रशासन अलर्ट, तैयारियों की हुई व्यापक समीक्षा
गोरखपुर। संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। नगर निगम सभागार में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा और महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में बाढ़ नियंत्रण, जल निकासी व्यवस्था और संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने और सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
पम्पिंग स्टेशन और जल निकासी व्यवस्था को किया गया मजबूत
बैठक में अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि नगर क्षेत्र में स्थापित सभी पम्पिंग स्टेशनों को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है। विभिन्न वार्डों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अतिरिक्त पम्पिंग सेट लगाए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। अधिकारियों ने कहा कि बारिश के दौरान जल निकासी बाधित न हो, इसके लिए सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
नालों की सफाई तेज, अतिक्रमण हटाने के निर्देश
नगर निगम द्वारा प्रमुख और सहायक नालों की युद्धस्तर पर सफाई कराई जा रही है। जिन स्थानों पर जल निकासी में बाधा उत्पन्न हो रही है, वहां अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर विशेष टीमें तैनात की गई हैं, ताकि बारिश के दौरान किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। बैठक में अजय जैन, अभिनव गोपाल, दुर्गेश मिश्रा तथा अमित श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कंट्रोल रूम सक्रिय, संचारी रोगों पर विशेष निगरानी
आपात स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम का कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है और हेल्पलाइन नंबर जारी कर आमजन से तत्काल सूचना देने की अपील की गई है। बरसात के मौसम में फैलने वाले संचारी रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और साफ-सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।















