बायोगैस बनेगा ऊर्जा और आय का स्रोत, ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल उपनिदेशक पंचायत ने किया निरीक्षण, दिए कई अहम निर्देश

बायोगैस बनेगा ऊर्जा और आय का स्रोत, ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

उपनिदेशक पंचायत ने किया निरीक्षण, दिए कई अहम निर्देश

गोरखपुर।

“बायोगैस है ऊर्जा का स्रोत और इसे ग्राम पंचायत की आय का आधार बनाया जाए”—इसी सोच के साथ पंचायती राज विभाग ने नई पहल शुरू की है। बायोगैस से संचालित आटा चक्की लगाकर जहां ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी, वहीं ग्राम पंचायत की आय भी बढ़ेगी।

निदेशक पंचायती राज अमित कुमार सिंह के निर्देश पर उपनिदेशक पंचायत गोरखपुर मंडल हिमांशु शेखर ठाकुर ने जनपद गोरखपुर की टीम के साथ विभिन्न ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया। उनके साथ मंडलीय कंसलटेंट अविनाश सिंह और जिला परियोजना प्रबंधक दिनेश चौधरी भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान विकासखंड पिपरौली के ग्राम पंचायत खरेला स्थित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट (PWMU) का जायजा लिया गया। यहां ग्राम पंचायत सचिव को निर्देश दिया गया कि प्लास्टिक कचरे का नियमित पृथक्करण (सेग्रिगेशन) कर अलग-अलग बोरियों में रखा जाए तथा उसका श्रेडिंग कर सीमेंट फैक्ट्री, सड़क निर्माण या अन्य उत्पादों में उपयोग के लिए भेजा जाए। साथ ही रिसोर्स रिकवरी सेंटर के माध्यम से अधिक से अधिक प्लास्टिक एकत्र करने और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण में PWMU के पास बने सामुदायिक शौचालय की स्थिति खराब पाई गई। गंदगी और टूटी टोटी को देखते हुए संबंधित सफाई कर्मियों को नोटिस जारी करने और नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उपनिदेशक पंचायत ने निर्देशित किया कि PWMU की सभी मशीनों को शीघ्र चालू कर अधिक से अधिक ओएसआर (स्वयं के स्रोत से आय) बढ़ाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि केयरटेकर नियमित सफाई नहीं करता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

इसके बाद विकासखंड खजनी के ग्राम पंचायत हरिहरपुर में निर्मित बायोगैस प्लांट का निरीक्षण किया गया। यहां बताया गया कि बायोगैस से संचालित आटा चक्की लगाने की योजना है, जिससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर गेहूं पिसवाने की सुविधा मिलेगी और ग्राम पंचायत की आय बढ़ेगी।

अधिकारियों ने बायोगैस प्लांट से निकलने वाली स्लरी को कंपोस्ट बनाकर पैकेजिंग के माध्यम से बाजार में बेचने के निर्देश दिए। साथ ही स्लरी निकास स्थल पर टूटी संरचना की मरम्मत कराने को भी कहा गया।

निरीक्षण के दौरान जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) बच्चा सिंह, ऋषिकेश कुमार सिंह, ग्राम प्रधान चंद कुमार सिंह, पंचायत सचिव गोविंद कुमार, रामप्रीत प्रजापति, अजय यादव, खंड प्रेरक पिपरौली, पंच बहादुर सिंह, राजीव दुबे, सभाजीत यादव, अतुल कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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