“भगवान मारते नहीं, बल्कि तारते हैं” आचार्य धीरज कृष्ण शास्त्री
कृष्ण जन्म कथा से भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण
महुली/संतकबीरनगर।
मझौवा एकडंगा में प्राचार्य वेद प्रकाश पांडेय के आयोजन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास आचार्य धीरज कृष्ण शास्त्री ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान किसी को मारते नहीं, बल्कि तारते हैं।
उन्होंने राजा परीक्षित और शुकदेव जी के संवाद का उल्लेख करते हुए बताया कि भगवान से जुड़ने वाला व्यक्ति चाहे प्रेम से जुड़े या क्रोध से, भगवान अंततः उसका कल्याण ही करते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि शिशुपाल जैसे दुष्ट का भी अंततः भगवान में ही विलय हुआ, क्योंकि वह किसी न किसी रूप में उनसे जुड़ा हुआ था।
आचार्य ने राम-रावण युद्ध का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब असुर मारे जाते थे, तो विभीषण के कहने पर भगवान श्रीराम उन्हें भी अपने धाम को प्राप्त कराते थे। इस प्रकार भगवान का स्वरूप दयालु और कल्याणकारी है।
कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कृष्ण जन्मोत्सव को भव्य रूप से मनाया गया और संगीतमय भजनों से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया।
इस अवसर पर एवीआरएल गिठिनी के एमडी जनार्दन चतुर्वेदी, एसआर इंटरनेशनल के एमडी एवं पूर्व प्रमुख राकेश चतुर्वेदी, आरपी ग्रुप ऑफ एजूकेशन के चेयरमैन केसी यादव तथा युवराज रजत चतुर्वेदी सहित कई गणमान्य लोगों ने व्यास पीठ की आरती उतारी और आचार्य जी का आशीर्वाद लिया।
कार्यक्रम में मुख्य यजमान आदित्य प्रकाश पांडेय, श्रीमती कुशलावती देवी, एसआर इंटरनेशनल के एक्जीक्युटिव डायरेक्टर मनोज पांडेय, शिक्षक नेता संजय द्विवेदी, भाजपा नेता अजय मिश्रा, समाजसेवी अंकित पाल सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।















