सम्पूर्ण समाधान दिवस पर एसपी विनीत जायसवाल और सीडीओ अंकिता जैन ने सुनी जन समस्याएं, त्वरित निस्तारण के दिए सख्त निर्देश
गोंडा। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार आज दिनांक 05 जनवरी 2026 को सदर तहसील परिसर में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक गोंडा श्री विनीत जायसवाल एवं मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन ने संयुक्त रूप से भाग लिया। राजस्व, पुलिस तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान बड़ी संख्या में आमजन पहुंचे और अपनी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। एसपी विनीत जायसवाल और सीडीओ अंकिता जैन ने प्रत्येक शिकायतकर्ता की बात ध्यान से सुनी तथा मौके पर ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को समस्याओं के गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। एसपी और सीडीओ ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रार्थना-पत्रों की समयबद्ध जांच की जाए, आवश्यक कार्यवाही पूरी की जाए तथा समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतें प्रशासन की प्राथमिकता हैं और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से पुलिस से संबंधित शिकायतों पर ध्यान केंद्रित किया और थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि पीड़ितों की सुनवाई में कोई ढिलाई न बरती जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने राजस्व, विकास एवं अन्य विभागीय मामलों में तेजी लाने पर जोर दिया। दोनों अधिकारियों ने मौके पर ही कई शिकायतों का प्रारंभिक निस्तारण भी किया, जिससे जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा।
सम्पूर्ण समाधान दिवस का यह आयोजन जन-केंद्रित प्रशासन की मिसाल पेश करता है। गोंडा जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा नियमित रूप से ऐसे दिवस आयोजित किए जाते हैं, ताकि आमजन की छोटी-बड़ी समस्याओं का घर बैठे समाधान हो सके। अधिकारीगण ने कहा कि जनता की भागीदारी और सहयोग से ही जिले में शांति, विकास और न्याय सुनिश्चित किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान मौजूद पुलिस एवं प्रशासनिक विभाग के अधिकारी-कर्मचारीगण ने भी जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना और निस्तारण की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया।
यह प्रयास उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का हिस्सा है, जो आमजन को सशक्त बनाने और प्रशासन को जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।















