32 वर्षों की ईमानदार सेवा का भावुक विदाई: अपर आयुक्त रामाश्रय को मंडलायुक्त सभागार में दी गई विदाई

32 वर्षों की ईमानदार सेवा का भावुक विदाई: अपर आयुक्त रामाश्रय को मंडलायुक्त सभागार में दी गई विदाई

 

गोरखपुर। ईमानदारी, न्यायप्रियता और सादगी के प्रतीक अपर आयुक्त रामाश्रय का 32 वर्षों का गौरवशाली सेवा काल पूर्ण होने पर मंडलायुक्त सभागार में भावभीनी विदाई दी गई। कार्यक्रम के दौरान जज्बातों का ऐसा सैलाब उमड़ा कि कई अधिकारियों की आंखें नम हो गईं। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में रामाश्रय जी की सेवा यात्रा को याद करते हुए सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

रामाश्रय जी ने 28 दिसंबर 1993 को खजनी तहसील से नायब तहसीलदार के रूप में सेवा शुरू की थी। विभिन्न पदों से गुजरते हुए वे 21 सितंबर 2022 से अपर आयुक्त के पद पर थे। न्यायिक एवं राजस्व मामलों में उनकी संतुलित निर्णय क्षमता, आमजन के प्रति संवेदनशीलता और निष्पक्षता उनकी पहचान रही।

मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने कहा कि ऐसे अधिकारी दुर्लभ होते हैं जो नियम, न्याय और मानवता के बीच संतुलन बनाकर कार्य करते हैं। उनकी कमी प्रशासन को हमेशा महसूस होगी। अपर आयुक्त जय प्रकाश ने उन्हें प्रेरणास्रोत बताया, जबकि अपर आयुक्त अजय राय ने कहा कि उनकी कार्यशैली से सीखा कि पद से बड़ा कर्तव्य होता है। वरिष्ठ अधिवक्ता निकेत पांडेय ने उनकी निष्पक्षता और गहन समझ की सराहना की।

अपने विदाई संबोधन में रामाश्रय जी भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि वे मूलतः काशीवासी हैं। बचपन में पिता के साथ मुंबई में रहते थे। पिता की नाराजगी में कहा गया “गांव चले जाओ” ने जीवन की दिशा बदल दी। गांव लौटकर इलाहाबाद से पढ़ाई की और संघर्ष ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि 60 वर्ष की उम्र में यह दुख सात वर्ष की उम्र के बाद का सबसे बड़ा है। राजस्व विभाग उनके लिए परिवार है, जिससे विदा लेना पीड़ादायक है।

कार्यक्रम का संचालन स्टेनो कमिश्नर अरविंद श्रीवास्तव ने किया। नाजिर राजेश शर्मा सहित अधिकारियों-कर्मचारियों ने शॉल और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। सभी ने उनके स्वस्थ एवं सम्मानपूर्ण सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।

यह विदाई केवल एक अधिकारी की सेवा निवृत्ति नहीं, बल्कि एक संवेदनशील प्रशासनिक यात्रा को भावपूर्ण नमन थी।

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