घने कोहरे और शीतलहर से बच्चों की सुरक्षा: गोरखपुर में स्कूल-कोचिंग के समय में बदलाव
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों में दिसंबर की कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह-सुबह दृश्यता शून्य होने से सड़कें खतरनाक हो गई हैं, जिससे स्कूली बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने छात्रों के हित में त्वरित और सराहनीय फैसला लिया है।
डीएम के आदेशानुसार, जिले के सभी बोर्डों—बेसिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई, आईसीएसई, उत्तर प्रदेश बोर्ड, संस्कृत बोर्ड, मदरसा बोर्ड से Affiliated स्कूलों सहित सभी कोचिंग संस्थानों में कक्षा 1 से 12 तक की पढ़ाई अब सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही होगी। यह बदलाव तात्कालिक प्रभाव से लागू हो गया है और मौसम सुधारने तक जारी रहेगा।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा, “सुबह का घना कोहरा और कड़ाके की सर्दी बच्चों के स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। छोटे बच्चे तो क्या, बड़े छात्रों को भी स्कूल पहुंचने में भारी परेशानी हो रही है। इसलिए यह निर्णय लिया गया ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।” उन्होंने शिक्षा अधिकारियों, स्कूल प्रबंधनों और कोचिंग संचालकों को सख्त अनुपालन के निर्देश दिए हैं। उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
प्रशासन ने स्कूलों को ठंड से बचाव के इंतजाम करने, बच्चों को खुले में न रोकने की हिदायत दी है। अभिभावकों से अपील की गई कि बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर भेजें और बीमार होने पर तुरंत सूचित करें। मौसम पर नजर रखते हुए आगे और कदम उठाए जा सकते हैं।
इस फैसले से अभिभावकों व छात्रों ने राहत की सांस ली है। जिले में मौसम विभाग ने भी घने कोहरे की चेतावनी जारी की है, जिससे प्रशासन का यह कदम और प्रासंगिक हो गया है।















