ऑनलाइन गेम का लालच: 250 से ज्यादा बैंक खाते होल्ड, साइबर फ्रॉड में फंसे संतकबीरनगर के युवा
संतकबीरनगर। “कलर ट्रेडिंग” और अन्य ऑनलाइन गेम्स के लालच में फंसे जिले के युवा अब साइबर फ्रॉड के केस झेल रहे हैं। महाराष्ट्र, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, गुजरात और केरल के साइबर थानों में दर्ज शिकायतों के चलते जिले के 250 से अधिक लोगों के बैंक खातों से पैसे निकालने पर रोक लग चुकी है। रोजाना 4-5 युवा और उनके परिजन साइबर थाने पहुंचकर गुहार लगा रहे हैं।
खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के उमिला गांव के 19 वर्षीय बीएससी छात्र विनय कुमार ने बताया, “दोस्त ने गेम से ढाई लाख कमाए दिखाया। मैंने तीन हजार रुपये लगाए, नौ हजार का प्रॉफिट हुआ, लेकिन अगले ही दिन खाता होल्ड हो गया। अब छात्रवृत्ति की रकम भी अटकी है।” इसी तरह महुली के परमेश्वरपुर के बुजुर्ग राजेंद्र प्रसाद की छोटी-सी किराना दुकान है। उनके बच्चों ने मोबाइल पर गेम खेला तो एक महीने से खाता फ्रीज है। वे कहते हैं, “दिल्ली दवा कराने जाना है, लेकिन जेब खाली है।”
साइबर क्राइम एक्सपर्ट कांस्टेबल राम प्रवेश मद्धेशिया बताते हैं, “ये कलर ट्रेडिंग गेम्स असल में जुआ और फर्जी ट्रेडिंग का मिश्रण हैं। लालच देकर युवाओं से पैसे डलवाए जाते हैं। बाद में ठगी की शिकायत आने पर साइबर क्राइम पोर्टल के जरिए पूरे देश में खाते होल्ड कर दिए जाते हैं।” अब तक जिले में 4 साइबर फ्रॉड के मुकदमे दर्ज हो चुके हैं और 10 लोगों को नोटिस जारी हुआ है।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने चेताया, “बिना पूरी जानकारी के कोई भी ऑनलाइन गेम जिसमें पैसा लगाना हो, उससे दूर रहें। संदिग्ध लेन-देन से बचें। एक गलती से सारी जमा-पूंजी और जरूरी रकम अटक जाती है।” पुलिस अब हर शिकायतकर्ता से खाता नंबर लेकर पोर्टल पर सर्च कर रही है कि शिकायत कहां दर्ज हुई और वहां के जांच अधिकारी को आवेदन भेजने का मार्गदर्शन कर रही है।
लालच का यह खेल अब जिंदगी भर का सबक बनता जा रहा है।















