गोरखपुर-गोंडा रेलखंड व गोंडा परिक्षेत्र का महाप्रबंधक ने किया व्यापक संरक्षा निरीक्षण
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने बुधवार 19 नवंबर 2025 को मगहर-गोंडा रेलखंड तथा गोंडा परिक्षेत्र का गहन संरक्षा एवं यात्री सुविधा निरीक्षण किया। उनके साथ प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी मुकेश मेहरोत्रा, प्रमुख मुख्य इंजीनियर नीलमणि, प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर संजय सिंघल, प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक अनूप कुमार सतपथी सहित सभी शीर्ष अधिकारी और लखनऊ मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल मौजूद रहे।
निरीक्षण मगहर स्टेशन से शुरू हुआ। महाप्रबंधक ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रस्तावित ले-आउट व निर्माण कार्यों का बारीकी से देखा। खलीलाबाद में स्टेशन पुनर्विकास, दिव्यांग-अनुकूल शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, प्रतीक्षालय व यार्ड का निरीक्षण किया। चुरेब-खलीलाबाद के बीच मेजर ब्रिज संख्या-238 की संरक्षा जांच की।
बस्ती स्टेशन पर नवनिर्मित भवन, ऊंचे प्लेटफॉर्म व पार्किंग की प्रगति देखी और अधिकारियों को समयबद्ध, उच्च गुणवत्ता वाले कार्य पूरे करने के सख्त निर्देश दिए। रेल पथ से अतिक्रमण हटाने पर विशेष जोर दिया। बभनान-परसा तिवारी के बीच समपार 223बी का निरीक्षण कर गैंगमैनों की संरक्षा जागरूकता की परीक्षा ली। स्वामीनारायण छपिया में नवनिर्मित प्लेटफॉर्म व सर्कुलेटिंग एरिया का जायजा लिया।
गोंडा लोको शेड पहुंचकर ओवरहालिंग, बोगी व विद्युत अनुभागों का निरीक्षण किया। नवनिर्मित बोगी शेड का फीता काटकर उद्घाटन किया। लोको शेड को चार अंतरराष्ट्रीय ISO प्रमाणपत्र (9001, 14001, 45001, 50001) प्रदान किए गए। 200वें अनुरक्षित लोकोमोटिव WAG-9HC को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
बीसीएन आरओएच डिपो में मालडिब्बों के रखरखाव की समीक्षा की। उद्यान वाटिका में पौधारोपण किया। गोंडा स्टेशन पर संरक्षा सेमिनार हुआ जिसमें स्काउट-गाइड बच्चों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।
महाप्रबंधक ने कहा, “रेल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अमृत भारत योजना के तहत सभी स्टेशनों का काया-कल्प शीघ्र पूरा कर विश्वस्तरीय सुविधाएं दी जाएंगी।”
यह निरीक्षण रेल संरक्षा, यात्री सुविधा और आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।















