गोरखपुर में 72.78 करोड़ की हाईटेक फॉरेंसिक लैब का उद्घाटन
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को शास्त्री चौक के पास बने छह मंजिला अत्याधुनिक क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (आरएफएसएल) का उद्घाटन किया। 72.78 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस लैब में लैपटॉप, मोबाइल, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल डिवाइस रिकवरी सहित हर प्रकार की फॉरेंसिक जांच की सुविधा एक ही परिसर में उपलब्ध होगी।
सीएम ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में लागू तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता, नागरिक सुरक्षा संहिता व साक्ष्य अधिनियम का मूल मंत्र है हर पीड़ित को समय से न्याय। सात वर्ष से अधिक सजा वाले अपराधों में फॉरेंसिक जांच अब अनिवार्य है। पहले साक्ष्य के अभाव में अपराधी बच जाते थे, अब नहीं बचेंगे। अपराध के कुछ घंटों में ही पुख्ता साक्ष्य मिलेंगे और लैब बता देगी कि अपराध किसने किया।
2017 से पहले यूपी में सिर्फ चार लैब थीं। सरकार ने हर कमिश्नरी में एक लैब बनाने का लक्ष्य रखा। अब 12 लैब कार्यरत हैं, छह निर्माणाधीन। जल्द 18 कमिश्नरियों में लैब होंगी। हर जिले में दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक वैन दी गई हैं। इससे पीड़ित को भटकना नहीं पड़ेगा।
सीएम ने बताया कि लैब्स से युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। लखनऊ में यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा व डिग्री कोर्स शुरू हैं। यह लैब पूर्वी उत्तर प्रदेश में अपराध जांच को वैज्ञानिक व त्वरित बनाएगी। अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को और मजबूत करेगी।
उद्घाटन के बाद सीएम ने भवन का निरीक्षण किया और अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। लोकसभा सांसद रवि किशन सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पूर्वांचल की जनता ने इस सौगात का स्वागत किया।















