विजयदशमी पर गोरखपुर में सीएम योगी ने उतारी भगवान राम और हनुमान की आरती, दी संस्कृति की प्रेरणा
गोरखपुर। विजयदशमी के पावन अवसर पर रामलीला मैदान अधियारीबाग में गुरुवार को मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान की भक्ति-भाव से आरती उतारी।
पारंपरिक तिलकोत्सव और शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को भव्यता प्रदान की। शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान तक पहुंची, जहां प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए। यह पल गोरखपुर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का प्रतीक बन गया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भगवान राम और हनुमान के आदर्शों को जीवंत किया। उन्होंने कहा, “राम ने मर्यादा पुरुषोत्तम बनकर धर्म, सत्य और कर्तव्य की स्थापना की, तो हनुमान ने अपनी निष्ठा और समर्पण से सेवा की अनुपम मिसाल कायम की।” योगी ने जनता से भारतीय संस्कृति और रामायण के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया, ताकि समाज में एकता और नैतिकता का प्रसार हो। उन्होंने रामलीला को गोरखपुर की सांस्कृतिक पहचान बताते हुए इसे धर्म, आस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक कहा।
गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में योगी आदित्यनाथ हर वर्ष इस परंपरा का निर्वाह करते हैं। गोरखनाथ मंदिर में विशेष पूजन के साथ-साथ तिलकोत्सव और शोभायात्रा का आयोजन न केवल गोरखपुर, बल्कि पूरे पूर्वांचल में आस्था और संस्कृति का संदेश फैलाता है। इस बार भी सीएम ने भगवान राम और उनके सहचरों का तिलक कर, आरती उतारकर और शोभायात्रा में शामिल होकर इस परंपरा को और मजबूती दी।
आयोजन में प्रशासन की चुस्त व्यवस्था और श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना। यह कार्यक्रम न केवल विजयदशमी की विजय भावना को दर्शाता है, बल्कि भारतीय संस्कृति के गौरव को भी जन-जन तक पहुंचाता है।















