31 पुलिस चौकियों को मिलेगी अपनी जमीन और छत।
संतकबीरनगर। जिले के आठ थानों की 31 पुलिस चौकियों को जल्द ही अपनी जमीन और स्थायी भवन मिलेगा। जनपद सृजन के 27 वर्ष बाद डीएम आलोक कुमार और एसपी संदीप कुमार मीना की पहल से यह सपना हकीकत बनने की राह पर है। तीनों तहसीलों के एसडीएम और तहसीलदारों को निःशुल्क जमीन की तलाश का जिम्मा सौंपा गया है। खतौनी में जमीन दर्ज होते ही स्थायी भवन निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा।
डीएम-एसपी की पहल से जगी उम्मीद जिले में नौ थाने संचालित हैं, जिनमें से आठ थानों के अंतर्गत 31 पुलिस चौकियां शांति व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। एसपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि 31 चौकियों, छह ब्लॉकों में फायर स्टेशन, तीन सर्किल सीओ के कार्यालय व आवास, और यार्ड निर्माण के लिए निःशुल्क जमीन की मांग डीएम से की गई है। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए एसडीएम को जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही आंगणन तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।
जर्जर भवनों से मुक्ति की राह वर्तमान में कई पुलिस चौकियां जर्जर भवनों में चल रही हैं, जो पुलिसकर्मियों के लिए खतरा बनी हुई हैं। खलीलाबाद सर्किल में कोतवाली खलीलाबाद के अंतर्गत कलक्ट्रेट, जिला कारागार, बरदहिया, गोला बाजार, औद्योगिक क्षेत्र, बघौली, गौसपुर, तितौवा, नवीनमंडी, कांटे, मगहर, तामेश्वरनाथ और दुधारा थाने में बाघनगर चौकी शामिल हैं। धनघटा सर्किल में पौली, जगदीशपुर, लोहरैया, बिड़हरघाट, बंसवारी गांव, मोलनापुर, शनिचराबाबू, मुखलिसपुर, हरिहरपुर, काली जगदीशपुर और मेंहदावल सर्किल में बनकसिया, नौलखा, बिसौवा, बखिरा, दुर्गजोत, राजेडीहा, सांथा और बौरव्यास चौकियां हैं। प्रत्येक चौकी के लिए 218.42 से 500 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत है।
फायर स्टेशन और यार्ड के लिए भी जमीन डीएम आलोक कुमार ने बताया कि 15 दिनों में जमीन चिन्हांकन और खतौनी में नाम दर्ज करने का लक्ष्य है। कुछ ब्लॉकों में फायर स्टेशन के लिए जमीन चिन्हित हो चुकी है। खलीलाबाद, मेंहदावल और धनघटा में सीओ कार्यालय व आवास के लिए 500-500 वर्ग मीटर और यार्ड के लिए 5 एकड़ जमीन चाहिए। छह ब्लॉकों (पौली, नाथनगर, बघौली, सेमरियावां, बेलहर, सांथा) में फायर स्टेशन के लिए 4148 वर्ग मीटर जमीन की आवश्यकता है।
भविष्य की चुनौतियों के लिए लैंड बैंक पुलिस विभाग की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 75-100 एकड़ लैंड बैंक और कैंपिंग साइट्स के लिए 5 एकड़ निःशुल्क जमीन की मांग की गई है। यह पहल जिले में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और कार्यकुशलता बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी।















