राधा-कृष्ण रूप सज्जा के साथ स्कूल में जन्माष्टमी की धूम, 21 जोड़ियों ने बिखेरी छटा।
श्रेयांशी-ज्ञानशी ने जीता प्रथम पुरस्कार
प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई भक्ति और प्रतिभा
कर्मयोगी बनने की प्रेरणा दी गई
संतकबीरनगर। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर संतकबीरनगर के एक विद्यालय में राधा-कृष्ण रूप सज्जा और भाव-नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन धूमधाम से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रुति शुक्ला ने की, जबकि आशा सिंह और रंजन शुक्ला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें 21 जोड़ियों ने राधा-कृष्ण के रूप में सजकर भाव-नृत्य प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में बच्चों ने भक्ति भरे गीत और भाषण प्रस्तुत किए, जिसने माहौल को भक्तिमय बना दिया। प्रत्येक कक्षा से एक-एक जोड़ी ने राधा-कृष्ण की वेशभूषा में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। श्रुति शुक्ला ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, “भगवान श्रीकृष्ण के कर्मयोग से प्रेरणा लेकर हमें अपने जीवन में नित्य निखार लाना चाहिए। स्वयं से प्रतिस्पर्धा करें, ताकि हर दिन बेहतर बन सकें।”
प्रतियोगिता में श्रेयांशी और ज्ञानशी की जोड़ी ने प्रथम स्थान हासिल किया। यशस्वी और अनन्या ने दूसरा, जबकि शिवी और श्रेयांशी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुदक्षिणा सिंह ने किया, और विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश राय ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर साधना मिश्रा, प्रीति मिश्रा, नीलम राय, अलका राय, आसना यादव, दिग्विजय, चंचल और राम सुमित सहित कई शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे। यह आयोजन न केवल बच्चों की प्रतिभा को निखारने का मंच बना, बल्कि श्रीकृष्ण के आदर्शों को आत्मसात करने की प्रेरणा भी दे गया।















