डीआईजी बस्ती ने साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता अभियान को दी गति, फेक प्रोफाइल और हैकिंग से बचाव की अपील।
बस्ती: डिजिटल युग में सोशल मीडिया की चकाचौंध ने जहां लोगों को जोड़ा, वहीं साइबर अपराधों की छाया ने समाज को खतरे में डाल दिया है। पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) बस्ती परिक्षेत्र, संजीव त्यागी ने रविवार को आमजन को फेक प्रोफाइल और हैकिंग जैसे साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए इसके खतरों से आगाह किया। उन्होंने कहा कि आज लोग भौतिक दुनिया से कटकर डिजिटल मंचों पर ज्यादा सक्रिय हो रहे हैं, जो आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से खतरनाक साबित हो सकता है।
डीआईजी ने बताया कि युवा सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स और दोस्तों की संख्या बढ़ाने में व्यस्त हैं, लेकिन अक्सर यह भूल जाते हैं कि वे जिससे जुड़ रहे हैं, वह अपरिचित हो सकता है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट जैसी प्लेटफॉर्म्स पर फेक आईडी बनाकर ठगी, ब्लैकमेलिंग और बदनामी जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। शुरुआत में कुछ लोग आलोचना के डर से फेक प्रोफाइल बनाते थे, लेकिन अब साइबर अपराधी इसका दुरुपयोग सेलिब्रिटी या अन्य व्यक्तियों की आईडी हैक कर या क्लोन कर पैसे मांगने, ब्लैकमेल करने और ठगी करने में कर रहे हैं।
उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा, “आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपके परिवार और सम्मान को खतरे में डाल सकती है।” डीआईजी ने जनता से सतर्क रहने की सलाह दी:
– व्यक्तिगत जानकारी, फोटो या बैंक डिटेल्स किसी अजनबी के साथ साझा न करें।
– सोशल मीडिया पर मित्रता स्वीकारने से पहले व्यक्ति की वास्तविक पहचान सुनिश्चित करें।
– संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज का जवाब न दें।
– बच्चों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करें और उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें।
– साइबर ठगी की शिकायत तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) या 1930 पर करें।
डीआईजी ने बताया कि बस्ती पुलिस साइबर अपराधों पर कड़ी नजर रख रही है और जागरूकता अभियान के तहत लोगों को शिक्षित कर रही है। “सतर्क रहें, जागरूक रहें और दूसरों को भी जागरूक करें,” यह उनका संदेश है। यह अभियान न केवल डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देता है, बल्कि समाज में विश्वास और एकता की भावना को भी मजबूत करता है।















