नेटग्रिड की ताकत से संतकबीरनगर में अपराधियों पर शिकंजा: गांडीव और सुदर्शन पोर्टल बनेंगे पुलिस का हथियार।
संतकबीरनगर। सूचना तकनीक के युग में हाईटेक अपराधों पर नकेल कसने के लिए यूपी पुलिस अब नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड (नेटग्रिड) की मदद ले रही है। नेटग्रिड के गांडीव और सुदर्शन पोर्टल के जरिए पुलिस अपराधियों का पूरा सिजरा एक क्लिक में निकाल लेगी। डीजीपी प्रशांत कुमार ने सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को इन पोर्टल्स का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
गांडीव पोर्टल: अपराधियों की कुंडली एक क्लिक में
गांडीव पोर्टल आर्थिक और गंभीर अपराधों की ट्रैकिंग के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह राष्ट्रीय डेटाबेस से जुड़ा है, जिसमें अपराधी का आधार या पैन नंबर डालते ही बैंक खाते, चल-अचल संपत्ति, सिम कार्ड और अन्य जानकारियां तुरंत उपलब्ध हो जाएंगी। पहले पुलिस को विभिन्न विभागों से जानकारी जुटाने में समय लगता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया मिनटों में पूरी होगी। गाड़ियों की लोकेशन ट्रैकिंग भी इस पोर्टल की खासियत है।
सुदर्शन पोर्टल: सोशल मीडिया अपराधों पर नजर
सुदर्शन पोर्टल सोशल मीडिया पर अफवाह, साइबर फ्रॉड और उन्माद फैलाने वालों को चिह्नित करेगा। यह पोर्टल यह पता लगाएगा कि अफवाह कहां से शुरू हुई, कितने लोगों ने इसे बढ़ावा दिया, और इसमें शामिल नंबर कौन-कौन से हैं। यह साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने में कारगर होगा।
पुलिस की तैयारी:
एसपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि संतकबीरनगर में इन पोर्टल्स का उपयोग शुरू करने के लिए एसएसपी/एसपी स्तर पर अकाउंट और पासवर्ड बनाए गए हैं। यह स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम है, जो अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।















