रेबीज: एक जानलेवा बीमारी, समय पर टीका ही बचाव..

रेबीज: एक जानलेवा बीमारी, समय पर टीका ही बचाव..

गोरखपुर 

रेबीज एक गंभीर और जानलेवा वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से कुत्ते, बिल्ली, सियार, या अन्य जानवरों के काटने या खरोंच से फैलती है। यह बीमारी रेबीज वायरस (Rabies Virus) के कारण होती है, जो तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है। यदि समय पर उपचार न किया जाए, तो यह लगभग 100% मामलों में मृत्यु का कारण बनती है, और रोगी को अत्यंत पीड़ादायक स्थिति से गुजरना पड़ता है।

रेबीज के लक्षण और खतरे:

शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, और काटने वाली जगह पर दर्द या खुजली शामिल हो सकती है।

बाद में, रोगी में पानी से डर (हाइड्रोफोबिया), उत्तेजना, भटकाव, और मांसपेशियों में ऐंठन जैसे गंभीर लक्षण दिखते हैं।

एक बार लक्षण प्रकट होने के बाद, रेबीज का कोई इलाज नहीं है, और रोगी की मृत्यु निश्चित हो जाती है।

रेबीज से पीड़ित व्यक्ति का दांत या नाखून यदि किसी को खरोंच दे, तो वायरस फैलने का जोखिम बढ़ जाता है, हालांकि यह दुर्लभ है।

बचाव का एकमात्र उपाय: समय पर टीकाकरण:

रेबीज से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है काटने या खरोंच के तुरंत बाद चिकित्सा सहायता लेना।

एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV): काटने के बाद तुरंत शुरू की गई वैक्सीन रेबीज को रोक सकती है। यह आमतौर पर 0, 3, 7, और 14वें दिन दी जाती है।

रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन (RIG): गंभीर मामलों में, घाव के आसपास यह इंजेक्शन दिया जाता है।

घाव को तुरंत साबुन और पानी से 10-15 मिनट तक धोना चाहिए, फिर तुरंत नजदीकी अस्पताल में जाना चाहिए।

सावधानी और जागरूकता जरूरी:

भारत में हर साल लगभग 20,000 लोग रेबीज से मरते हैं, जिनमें से अधिकांश मामले कुत्तों के काटने से होते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, समय पर टीकाकरण और घाव की सफाई से रेबीज को पूरी तरह रोका जा सकता है।

आवारा कुत्तों, बिल्लियों, या जंगली जानवरों से सावधान रहें।

पालतू जानवरों को नियमित रूप से रेबीज का टीका लगवाएं।

यदि कोई जानवर असामान्य व्यवहार (जैसे आक्रामकता या अत्यधिक शांत होना) दिखाए, तो उससे दूरी बनाएं।

संदेश:

रेबीज एक ऐसी बीमारी है, जिसका इलाज लक्षण शुरू होने के बाद संभव नहीं है, और यह रोगी व उनके परिवार के लिए अत्यंत कष्टदायक होती है। इसलिए, किसी भी जानवर के काटने या खरोंच को हल्के में न लें। तुरंत चिकित्सा सहायता लें, क्योंकि लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। समय पर एंटी-रेबीज टीका आपकी और आपके प्रियजनों की जिंदगी बचा सकता है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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