डीएम हर्षिता माथुर की सख्ती: अभियोजन में तेजी, गंभीर मामलों में कड़ी सजा पर जोर।
रायबरेली: जिलाधिकारी हर्षिता माथुर की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट के बचत भवन सभागार में अपराध, कानून व्यवस्था व अभियोजन कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। डीएम ने अभियोजन कार्यों में गंभीरता और त्वरित निस्तारण पर जोर दिया।
उन्होंने निर्देश दिए कि गंभीर मामलों, विशेष रूप से गैंगेस्टर एक्ट जैसे वादों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाए। डीएम ने कहा, “न्यायालय में गवाहों का शत-प्रतिशत साक्ष्य परीक्षण कराएं, ताकि अभियोजन मजबूत हो और न्याय प्रक्रिया सुदृढ़ हो।” उन्होंने अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं को अभियोजन कार्यों में किसी भी ढिलाई के प्रति आगाह किया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह, सीडीओ अर्पित उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रफुल्ल शर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा सहित संबंधित अधिकारी और शासकीय अधिवक्ता उपस्थित रहे।
डीएम के कड़े निर्देशों ने अभियोजन प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने का संदेश दिया।















