नाबालिग के अपहरण में दोषी को 2 साल की सजा।
संतकबीरनगर। थाना धनघटा क्षेत्र में नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में आरोपी मोहम्मद सईद को सत्र न्यायाधीश महेंद्र प्रसाद चौधरी ने दोषी करार देते हुए 2 वर्ष के कठोर कारावास और 6000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न चुकाने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह फैसला अभियोजन पक्ष के मजबूत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर लिया गया।
घटना 17 दिसंबर 2010 की है, जब पीड़िता के पिता ने थाना धनघटा में शिकायत दर्ज की। उन्होंने बताया कि वह और उनकी पत्नी उमरिया बाजार चौराहे पर अपनी दुकान पर थे, जबकि उनकी नाबालिग बेटी घर पर अकेली थी। रात 8 बजे जब वे घर लौटे, तो बेटी गायब थी। पड़ताल में पता चला कि सूरज ढलने के बाद एक व्यक्ति ने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर भगा लिया। कुछ लोगों ने बताया कि एक कमांडर जीप, जिसे एक व्यक्ति चला रहा था, में पीड़िता सहित कुछ लोग धनघटा होते हुए खलीलाबाद की ओर गए।
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़िता के बयान के आधार पर मोहम्मद सईद का नाम सामने आया। थाना धनघटा में मुकदमा दर्ज होने के बाद विवेचक ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने 6 गवाहों के साक्ष्य पेश किए, जिन्होंने घटना की पुष्टि की। सभी गवाहों के बयानों ने अभियोजन की कहानी को मजबूती प्रदान की, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया।
यह मामला न केवल अपहरण जैसे गंभीर अपराध के खिलाफ कठोर कार्रवाई का उदाहरण है, बल्कि नाबालिगों की सुरक्षा के प्रति प्रशासन और न्यायालय की संवेदनशीलता को भी दर्शाता है। सजा का यह फैसला क्षेत्र में अपराधियों के लिए एक चेतावनी है कि कानून अपना काम पूरी सख्ती से करेगा। स्थानीय लोगों ने इस निर्णय का स्वागत किया और इसे न्याय की जीत बताया।















