डीएम की सख्ती: स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर होगी कार्रवाई।
रायबरेली, बृहस्पतिवार डीएम हर्षिता माथुर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय की बैठक संपन्न हुई। डीएम ने स्वास्थ्य सुविधाओं को जन-जन तक पहुंचाने और योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
बैठक में डीएम ने सभी मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज (एमओआईसी) से स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की। जिन एमओआईसी की प्रगति संतोषजनक नहीं थी, उन्हें चेतावनी दी कि समय रहते सुधार करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
डीएम ने अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, संस्थागत प्रसव, जननी सुरक्षा योजना, नवजात शिशु टीकाकरण, आयुष्मान कार्ड, आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान, नियमित टीकाकरण और फैमिली प्लानिंग जैसी योजनाओं की गहन समीक्षा की।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं और किशोरी बालिकाओं को आयरनयुक्त गोलियां उपलब्ध कराने और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता प्रदान करने पर जोर दिया। डीएम ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और हेल्थ वेलनेस सेंटरों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “जहां कमियां मिलें, वहां गुणवत्तापूर्ण सुधार सुनिश्चित करें।”
डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के निर्माण कार्यों और योजनाओं को नियमानुसार लागू करने की हिदायत दी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य सार्थक हो।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अर्पित उपाध्याय, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा, डॉ. निर्मला साहू, डॉ. प्रदीप अग्रवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। डीएम की सख्ती और स्पष्ट दिशा-निर्देशों से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद जगी है। उनकी यह पहल रायबरेली में स्वास्थ्य व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।















