डीएम का मधुकरपुर स्कूल में औचक निरीक्षण, साफ-सफाई और शिक्षा पर जोर।
डीएम हर्षिता माथुर ने प्राथमिक विद्यालय मधुकरपुर में अनुपस्थित प्रधानाध्यापिका का वेतन रोका, बच्चों की पढ़ाई और स्कूल की स्वच्छता पर दिए कड़े निर्देश।
रायबरेली
रायबरेली के विकासखंड डलमऊ में स्थित प्राथमिक विद्यालय मधुकरपुर में बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल की व्यवस्था, शिक्षा की गुणवत्ता, और साफ-सफाई का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण के समय प्रधानाध्यापिका की अनुपस्थिति पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को उनका एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया।
डीएम ने स्कूल परिसर का दौरा करते हुए दिव्यांग शौचालय में गंदगी देखकर नाराजगी जताई और तत्काल साफ-सफाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए। इसके बाद, उन्होंने मिड-डे मील (एमडीएम) की गुणवत्ता जांचने के लिए भोजन चखा, जो संतोषजनक पाया गया। यह कदम बच्चों के पोषण और खाद्य गुणवत्ता के प्रति उनकी सजगता को दर्शाता है।
शिक्षा के स्तर का आकलन करने के लिए डीएम ने कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों से हिंदी और गणित के प्रश्न पूछे। उन्होंने बच्चों से किताबें पढ़वाकर उनकी शैक्षिक प्रगति जांची, जिसमें बच्चों ने संतोषजनक प्रदर्शन किया। डीएम ने बच्चों की प्रतिक्रिया से संतुष्टि जताई, लेकिन शिक्षकों को और मेहनत करने की सलाह दी।
जिलाधिकारी ने शिक्षकों को समय पर उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए कड़े निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्कूल में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि बच्चों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिले। डीएम ने शिक्षकों को चेतावनी दी कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हर्षिता माथुर का यह निरीक्षण शिक्षा और स्कूल प्रबंधन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्थानीय लोगों ने उनके इस कदम की सराहना की और उम्मीद जताई कि इससे स्कूलों में अनुशासन और गुणवत्ता में सुधार होगा। इस निरीक्षण से प्राथमिक विद्यालय मधुकरपुर में शिक्षा और स्वच्छता के नए मानक स्थापित होने की उम्मीद है।















